अखिलेश का करीबी सपा नेता की हत्या में गिरफ्तार:बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर को बेटी-दामाद सहित जेल भेजा, 6 दिन पहले हुआ था फिरोज पप्पू का मर्डर

बलरामपुर5 महीने पहले
अखिलेश यादव के साथ पूर्व सांसद रिजवान जहीर और उनकी बेटी जेबा रिजवान- फाइल

बलरामपुर में सपा नेता और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज पप्पू की हत्या मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर को बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज खां सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। रिजवान जहीर पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीनों लोगों को पेश नहीं किया। इनको कोर्ट में पेश करने के बाद सीधे जेल भेज दिया गया। रिजवान जहीर को अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। अखिलेश ही रिजवान जहीर को अक्टूबर 2021 में फिर से सपा में लाए थे। कुछ दिन पहले एक सभा के दौरान रिजवान जहीर ने सीएम योगी पर विवादित टिप्पणी की थी।

रिजवान जहीर ने कहा था कि, '2022 विधानसभा चुनाव में सीएम योगी को धोती खोलकर गोरखपुर तो ओवैसी को हैदराबाद खदेड़ा जाएगा। 'इस मुल्क में हमारे बाप-दादा ने कुर्बानी दी है। हम यहां खैरात में नहीं रह रहे हैं। आज मुसलमान को जो खतरा है, वो सिर्फ और सिर्फ मोदी और योगी से है'।

बेटी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

वहीं रिजवान की बेटी जेबा रिजवान ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट में उन्होंने कहा कि हमारे साथ साजिश हुई है। हत्याकांड में न मेरे पति और न ही मेरे पिता शामिल हैं। बता दें कि फिरोज पप्पू हत्याकांड में पुलिस ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, जेबा रिजवान, रमीज खां सहित 6 लोगों को आरोपी बनाया है।

6 दिन पहले हुई थी फिरोज पप्पू की हत्या
बता दें कि 4 जनवरी की रात सपा नेता और तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू जरवा रोड स्थित अपने घर जा रहे थे। घर की गली के मोड़ के निकट पान की दुकान पर वह सिगरेट खरीदने लगे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने उनके गले, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया। परिजन आनन-फानन में उन्हें सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पत्नी कहकशां फिरोज के साथ फिरोज पप्पू।- फाइल
पत्नी कहकशां फिरोज के साथ फिरोज पप्पू।- फाइल

खुलासे के लिए 4 टीमें लगाई गई थीं

सूचना पर एसपी और डीआईजी देवीपाटन मंडल भी घटनास्थल पहुंचे थे। पुलिस अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी। घटना के खुलासे के लिए 4 पुलिस टीमें लगाई गई थीं। पुलिस करीब 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही थी। सपा कार्यकर्ताओ में आक्रोश को देखते हुए फिरोज पप्पू के आवास पर भारी पुलिस की तैनाती की गई थी।

फिरोज पप्पू की पत्नी इस समय नगर पंचायत चेयरमैन हैं

बता दें कि मौजूदा समय में फिरोज पप्पू की पत्नी कहकशां फिरोज तुलसीपुर नगर पंचायत की चेयरमैन हैं। घटना के बाद से परिवार में गम का माहौल हैं। वहीं उनके समर्थक और सपाई भी पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे थे। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन किया था। यह प्रतिनिधिमंडल फिरोज पप्पू के परिवार से मिला था और हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ फिरोज पप्पू।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ फिरोज पप्पू।

ऐसा रहा रिजवान जहीर का राजनीतिक करियर
रिजवान जहीर साल 1989 में निर्दल, 1993 में सपा और 1996 में बसपा से तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। साल 1998 और 1999 में सपा से वो श्रावस्ती लोकसभा से सांसद भी रहे हैं। रिजवान जहीर के राजनीति के सितारे गर्दिश में उस वक्त आ गए, जब उन्होंने साल 1999 के बाद मुलायम सिंह यादव को सीधा चैलेंज करते हुए कहा कि रिजवान जहीर को किसी पार्टी की जरूरत नहीं है। रिजवान जहीर खुद में पार्टी है और मुलायम सिंह यादव चाहे तो मेरे सामने चुनाव लड़ कर देख लें, उन्हें भी हार ही हाथ लगेगी। जिसके बाद से रिजवान जहीर के सितारे गर्दिश में चले गए और तब से उन्होंने एक भी चुनाव नहीं जीता। हालांकि, 2021 में अखिलेश यादव उन्हें फिर से सपा में ले आए।

सपा से खटपट के बाद रिजवान जहीर कहा था कि, रिजवान जहीर खुद में पार्टी है और मुलायम सिंह यादव चाहे तो मेरे सामने चुनाव लड़ कर देख लें, उन्हें भी हार ही हाथ लगेगी।
सपा से खटपट के बाद रिजवान जहीर कहा था कि, रिजवान जहीर खुद में पार्टी है और मुलायम सिंह यादव चाहे तो मेरे सामने चुनाव लड़ कर देख लें, उन्हें भी हार ही हाथ लगेगी।

भाजपा को हराने के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं
हाल ही में रिजवान जहीर ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि, भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकता हूं, कहीं भी जा सकता हूं, मेरी लड़ाई सामंत वादियों से शुरू से रही है। मेरी लड़ाई किसी प्रत्याशी से नहीं है, भाजपा से है। मेरी सौ बार अर्थी गिरे और उठे, भाजपा को हराना मेरा पहला लक्ष्य है। जरूरत पड़ेगी तो बंदूक उठाने को भी तैयार हूं।

सपा नेताओं के साथ पूर्व सांसद रिजवान जहीर।
सपा नेताओं के साथ पूर्व सांसद रिजवान जहीर।