बलरामपुर में पहाड़ी नाले उफान पर:दर्जनों गांव मे घुसा बाढ़ का पानी, ललिया हरिहरगंज मार्ग बंद

बलरामपुर14 दिन पहले
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बलरामपुर में पिछले दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ी नालों से आई बाढ़ से जिले में भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ और जलभराव से दर्जनों गांव घिर गए है। बाढ़ का पानी सड़कों पर आ जाने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। धान व गन्ने के फसलों को फायदा पहुंचा है।

बाढ़ के पानी से उड़द, अरहर व मक्का फसलों का नुकसान हुआ है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भी घुस गया। जिससे लोगों को भोजन बनाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर गयी है। जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त नजर आ रहा है।

पहाड़ों पर हुई वर्षा का असर
नेपाल की पहाड़ियों पर जबरदस्त वर्षा हुई। वही लगातार तीन दिन बारिश से भी जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। पहाड़ों पर हुई वर्षा का असर रविवार को क्षेत्र में दिखने लगा। सुबह नाले में बाढ़ आ गयी। नाले का पानी शांति पुरवा मैटहवा विजयीडीह रमगढीया औरहिया ननुहवापुर गांव मे लोगों के घरों में घुस गया।

लैबुडडी, लैबुडवा, दादंव रामस्वरूप पुरवा, महादेव, साहब नगर आदि गांव पानी से घिर गए। अचानक बाढ़ के कारण लोग अपना सामान एकत्रित करके पर ऊंची जगहों पर रख दिया। साहब नगर डिप 2 फुट पानी चलने लगा है। जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बाढ़ का पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन करने में भारी दिक्कत हो रही है।
बाढ़ का पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन करने में भारी दिक्कत हो रही है।

मार्ग पर चल रहा 2 फुट पानी
तुलसीपुर एसडीएम मंगलेश दुबे ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र के गांव का जायजा लेने के लिए लेखपालों को अवगत कराया गया है। सबसे खराब हालत हरिहरगंज -ललिया मार्ग की है। इस मार्ग पर 2 फुट पानी चल रहा है। शनिवार को एक युवक रास्ता पार करते समय बहने लगा था। जिसे ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया।

बाढ़ चौकियों को किया गया अलर्ट
​​​​​​​रविवार से लोगों के आवागमन को बंद कर दिया गया है। दोनों तरफ पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है, ताकि लोगों को रोका जा सके। राप्ती नदी सोमवार की सुबह 10 बजे तक खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बलरामपुर एसडीएम विजय बहादुर ने बताया कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाये हुए है ।

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