लखीमपुर हिंसा को लेकर ओवैसी के निशाने पर मोदी-योगी:बलरामपुर में ओवैसी बोले- BJP अपना चुनाव चिन्ह बदलकर जीप रख ले, क्योंकि जनता कुछ बोलेगी तो इसी से रौंद दी जाएगी

बलरामपुर4 महीने पहले
ओवैसी के बगल में भगवाधारी ब्राह्मण बैठे हैं जबकि उनके पीछे भी एक तिलकधारी भगवा गमछा गले में डाले मंच पर खड़ा हुआ है।

उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पार्टी को मजबूत करने के लिए जिलों का दौरा कर रहे हैं। उनका टारगेट अभी मुस्लिम बाहुल्य विधानसभा सीटें हैं। इसी कड़ी में रविवार को बलरामपुर के सादुल्लाह नगर इलाके में जनसभा करने असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे। इस दौरान उतरौला विधानसभा सीट से घोषित प्रत्याशी डॉ. अब्दुल मन्नान को मजबूत किया। यहां ओवैसी ने लखीमपुर हिंसा को लेकर पीएम मोदी और सीएम योगी को घेरा।

चिरपरिचित अंदाज में बोले कि लखीमपुर में हमारे किसानों को रौंद दिया, गाड़ी में बैठने वाले का नाम आशीष मिश्र के बाद नाम अजय मिश्र, जो मोदी के मंत्री हैं। आखिर घटना के बाद नरेंद्र मोदी ने मंत्री को क्यों नहीं हटाया। इसलिए नहीं हटाया कि अजय मिश्र ताल्लुक ऊंची जाति से है। चुनाव आ रहे हैं। ऊंची जाति के वोट नहीं मिलेंगे। इसलिए नहीं हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, भाजपा अपना चुनाव चिन्ह बदलकर जीप रख ले। जनता को बता दीजिए कुछ बोलोगे तो इसी से रौंद देंगे।

आशीष की जगह अतीक आरोपी होता, तो योगी सरकार बुलडोजर चलवाती
सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आशीष का नाम अतीक होता तो योगी का बुलडोजर उसके घर पर नहीं चल जाता। अतीक नाम हो तो आदमी गुंडा है, बाहुबली है, माफिया है। योगी जी क्या आपके बुलडोजर पर लिखा है कि इससे सिर्फ मुसलमान का नाम लिखा जाएगा।

वहीं, ओवैसी ने योगी के अब्बाजान वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि क्या आशीष के अब्बाजान को आप बताएंगे नहीं। मोदी जी आप अब्बाजान को क्यों नहीं हटाएंगे? आप आशीष के अब्बाजान को हटाएंगे या बचाएंगे। सबसे खास बात दौरे के दौरान उनके मंच पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। मंच पर उनके साथ भगवा कपड़ों में तिलकधारी ब्राह्मण भी बैठा दिखा, जिससे उनकी मुस्लिम सियासत पर सवाल उठने लगे हैं।

पीस पार्टी में रहे अब्दुल मन्नान अब ओवैसी के साथ है। साथ ही उतरौला विधानसभा से AIMIM के कैंडिडेट भी हैं।
पीस पार्टी में रहे अब्दुल मन्नान अब ओवैसी के साथ है। साथ ही उतरौला विधानसभा से AIMIM के कैंडिडेट भी हैं।

बगल में बिठाया तिलकधारी ब्राह्मण

मंच पर असदुद्दीन ओवैसी के साथ उनके बगल लंबा चौड़ा टीका लगाए एक भगवाधारी व्यक्ति को बिठाया गया है। बताया जाता है कि यह व्यक्ति पेशे से होमगार्ड थे जो अब नौकरी छोड़ चुके हैं। अब यह रेहरा बाजार इलाके में पूजा पाठ कराने का काम करते हैं। इनका नाम राम निवास शुक्ला है। यह घरों में पूजा अर्चना करवाते हैं। हालांकि, रामनिवास शुक्ला ने मंच से बताया कि वह उतरौला के घोषित प्रत्याशी डॉ. अब्दुल मन्नान के बेहद करीबी हैं। सालों से उनके साथ रह रहे हैं। डॉ. मन्नान क्षेत्र में अच्छा काम करते हैं जो उन्हें पसंद आता है। इसीलिए डॉ. मन्नान के मदद के लिए हर संभव हो तैयार रहते हैं।

ओवैसी के बगल में बैठे व्यक्ति का नाम राम निवास शुक्ला है। यह घरों में पूजा अर्चना करवाते हैं।
ओवैसी के बगल में बैठे व्यक्ति का नाम राम निवास शुक्ला है। यह घरों में पूजा अर्चना करवाते हैं।

यूपी में चल रही है ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश

यूपी की सियासत में इस समय ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश चल रही है। बसपा जहां प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन ब्राह्मणों के लिए कर रही है तो वहीं समाजवादी पार्टी भी ब्राह्मण सम्मेलन कर रही है। इससे पहले उसने भगवान परशुराम की मूर्ति लगाने का भी ऐलान किया था। जबकि भाजपा भी ब्राह्मण प्रेम दिखाने में जुटी हुई है। इस बीच ओवैसी का भगवा प्रेम चौंकाने वाला है।

ओवैसी प्रयोग कर रहे हैं
सीनियर जर्नलिस्ट नवेद शिकोह का कहना है कि ओवैसी ने अभी तक ऐसा सोशल प्रयोग नहीं किया है। वह हमेशा मुस्लिम सरोकारों की ही अपनी जनसभाओं में बात करते हैं। चूंकि 2014 के बाद से हिंदुत्व की राजनीति कर पूरे देश में भाजपा ने राजनीति बदल दी है। तमाम दल अब सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति कर रहे हैं।

इसी कड़ी में इसको भी देखा जा सकता है, क्योंकि ओवैसी कई दलों से गठबंधन करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने किसी ब्राह्मण चेहरे को मंच पर जगह देकर यह बताने की कोशिश की है कि हम भले ही मुस्लिम सियासत कर रहे हैं, मगर किसी गैर मुस्लिम से हमें परहेज नहीं है। अब यूपी में ओवैसी का यह प्रयोग कितना अच्छा होगा यह जल्द ही पता चल जाएगा।

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