बलरामपुर में NH-730 पर अवैध वसूली का आरोप:अधिकारियों के आदेश का नहीं हो रहा असर, नगर निकाय प्रशासन ठेका देकर करा रहा वसूली

बलरामपुर2 महीने पहले
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बलरामपुर में NH-730 पर अवैध वसूली का आरोप। - Dainik Bhaskar
बलरामपुर में NH-730 पर अवैध वसूली का आरोप।

बलरामपुर में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आदेशों के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 पर नगर पालिका और नगर पंचायत द्वारा कर वसूली की जा रही है। उतरौला और बलरामपुर में तो वसूली बंद हो चुकी है, लेकिन तुलसीपुर और पचपेड़वा में दो-दो जगहों पर अभी भी ट्रकों, बसों व अन्य वाहनों से अवैध रूप से धन उगाही की जा रही है। वहीं इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी एक आदेश के जरिए एनएच और एसएच पर वाहन अड्डा शुल्क वसूली को अवैध करार दे चुका है।

नगर निकाय प्रशासन ठेका देकर करा रहा वसूली

बलरामपुर जिले में एनएच का निर्माण पूरा होने के बाद से लोगों को टोल देकर यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं जिले के तुलसीपुर और पचपेड़वा में नगर निकाय प्रशासन ठेका देकर एनएच पर कर वसूली करवाता है। ट्रकों और बसों से 100 से 150 रुपए, जबकि बाहर से आने वाले अन्य वाहनों से 70 से 50 रुपए एक तरफ का वसूला जाता है।

डीएम व एसपी ने कुछ समय पहले जारी किया था आदेश

डीएम श्रुति व एसपी हेमंत कुटियाल ने कुछ समय पहले आदेश जारी करते हुए इस पर पूरी तरह से रोक लगाने को कहा था, जिसको मानते हुए उतरौला में 3 और बलरामपुर में 4 स्थानों पर चल रही अवैध वसूली को नगर निकाय प्रशासन ने रोक दिया था। पुलिस भी समय-समय पर चेक करके आगाह करती रहती थी।

3 कर्मियों की जा चुकी है जान

पूरे दिन में जिले की सीमा से होकर तकरीबन 08 से 10 हजार वाहन गुजरते हैं। कर वसूली के नाम पर चल रही गुंडई के कारण कई बार जाम भी लग जाया करता है और कई बार तो गंभीर हादसे भी हो जाते हैं। पिछले दो सालों में वसूली करते वक्त हुए हादसे में यहां पर काम पर 3 कर्मियों की जान भी जा चुकी है।

एक्टिव नहीं है पुलिस

वहीं जिले के तुलसीपुर और पचपेड़वा में अलग ही गंगा बह रही है। इन दोनों नगर निकायों के अंतर्गत आने वाले एनएच पर चल रही अवैध वसूली के मामले में न तो पुलिस एक्टिव नजर आती है और न ही जिला प्रशासन। यहां डीएम और एसपी के आदेशों को तो छोड़िए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को धता बताया जा रहा है।

ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं कर रहा प्रशासन

बताया जाता है कि तुलसीपुर में जिसने वाहन अड्डा शुल्क का ठेका ले रहा है, वह देवीपाटन शक्तिपीठ मंदिर का बहुत खास व्यक्ति है। वहीं पचपेड़वा का ठेका गैंसड़ी से विधायक के किसी रिश्तेदार का बताया जा रहा है। शायद यही वजह है कि पुलिस और जिला प्रशासन इन दो नगर निकायों में ठेकेदारों की मर्जी बर्दाश्त कर रहा है।

नगर सीमा में पहुंचते ही देना पड़ता है टैक्स

पंजाब से चलकर नेपाल जा रहे एक ट्रक चालक ने बताया कि हमें कई बार नगर सीमा में पहुंचते ही टैक्स देना पड़ता है। अगर, न दिया जाए तो यहां के लोग ट्रक में नुकसान कर देते हैं। वहीं, इस जिले की हर नगर सीमा में बार-बार टैक्स देने के कारण सामान भी महंगा हो जाता है।

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