बांदा में यमुना में पलटी नाव, 35 डूबे:3 की मौत, 17 लापता, पतवार टूटने से हुआ हादसा; राष्ट्रपति ने जताया दुख

बांदाएक महीने पहले

बांदा से फतेहपुर जा रही नाव यमुना नदी में डूब गई। नाव में 35 लोग सवार थे। इसमें 17 लापता बताए जा रहे हैं। जबकि 15 लोग तैरकर बाहर आ गए। अब तक 3 शव बरामद हुए हैं। SDRF की 11 लोगों की टीम मौके पर है। एक प्लाटून PAC भेजी गई है। रात 11 बजे NDRF की टीम भी पहुंची गई। SDRF और NDRF ने मिलकर रात में ही सर्च अभियान चलाया।

गुरुवार को दोपहर 3 बजे महिलाएं रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए नाव पर सवार होकर मायके जा रही थीं। पानी का बहाव तेज होने से पतवार टूट गई, जिससे नाव अनियंत्रित होकर डूब गई।

SDRF और NDRF की टीम ने रात में सर्च अभियान चलाया। NDRF की टीम में 30 मेंबर हैं।
SDRF और NDRF की टीम ने रात में सर्च अभियान चलाया। NDRF की टीम में 30 मेंबर हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, "10 से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। नाव पर 20 लोगों के बैठने की क्षमता थी। जबकि 35 लोगों के अलावा कुछ मोटरसाइकिल भी लदी थीं।"

नाव पलटने की घटना पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने दुख जताया है। उन्होंने अपनों को खोने वाले शोक-संतप्त परिवारों के प्रति शोक संवेदना जताई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी, DIG, NDRF और SDRF की टीम को तत्काल मौके पर जाने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे SP अभिनंदन ने बताया, एक पुरुष, एक महिला और एक साल के बच्चे का शव मिला है।"

नाव के डूबने की खबर लगते ही नदी किनारे लोगों को भीड़ जुट गई।
नाव के डूबने की खबर लगते ही नदी किनारे लोगों को भीड़ जुट गई।

बीच धार में पहुंचते ही पलटी नाव
रक्षाबंधन पर समगरा गांव से महिलाएं और अन्य लोग मरका घाट पर पहुंचे थे। यमुना नदी पार करके फतेहपुर जिले के असोथर घाट जाने के लिए नाव पर 35 लोग सवार हुए थे। यमुना नदी में बीच धारा में पहुंचते ही नाव बैलेंस बिगड़ गया और वह पलट गई।

लोगों की तलाश में देर शाम तक सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया। अंधेरा होने पर इसे रोक दिया गया। सुबह फिर सर्चिंग की जाएगी।
लोगों की तलाश में देर शाम तक सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया। अंधेरा होने पर इसे रोक दिया गया। सुबह फिर सर्चिंग की जाएगी।

"बीच धारा में बह गए लोग"
हादसे में बचे एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हम अपने गांव से पत्नी को लेकर ससुराल खागा राखी बंधवाने के लिए जा रहे थे। जब हम नदी के किनारे पहुंचे तो सिर्फ एक ही नाव थी। दोपहर तीन बजे का समय था नदी पार जाने वालों की भीड़ ज्यादा थी। देखते देखते नाव में करीब 35 लोग सवार हो गए और कुछ मोटर साइकिल भी नाव पर रख दी गईं।"

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों के बचाव में जुट गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों के बचाव में जुट गई।

उन्होंने बताया, "नाव जब बीच नदी में पहुंची तो हिचकोले खाने लगी। लोग डर गए और इधर-उधर खिसकने लगे। इसी बीच एक तरफ लोगों की संख्या ज्यादा हो गई और नाव एक दम से पलट गई। कुछ लोग तो तैरने लगे, लेकिन महिलाएं और बच्चे डूबने लगे। बीच धार में लोग बहते चले जा रहे थे। इसी बीच पास में आई एक दो नाव ने कुछ लोगों को खींचना शुरू कर दिया। इसी में मैं भी एक नाव पर चढ़ गया। लेकिन कई महिलाएं और बच्चे बह गए।"

नदी में डूब रहे लोग को बचाने के बाद दूसरी नाव से किनारे लाया गया।
नदी में डूब रहे लोग को बचाने के बाद दूसरी नाव से किनारे लाया गया।

प्रत्यक्षदर्शी ननकू ने कहा, "नाव पर 35 लोग सवार थे। इसमें से 15 लोगों को बचाया गया है।"

नदी से बचकर आए केपी यादव ने बताया, "मैं लखनऊ से समधरा आया था। समधरा अपनी वाइफ को छोड़कर अपनी बहन के घर राखी बंधवाने जा रहा था। मुझे बरैची जाना था। मैं मोटरसाइकिल से अकेला जा रहा था। मैं नाव पर मोटरसाइकिल के साथ सवार हुआ, मेरी मोटर साइकिल डूब गई।"

यादव ने कहा, "मैं किसी तरह बांस के सहारे बाहर निकल पाया। नाव की पतवार अचानक से टूट गई। तेज बहाव की वजह से नाव डिस्बैलेंस हो गई। नाविक संभाल नहीं पाया। उसके बाद नाव पलट गई। कुछ लोग तो बच गए हैं, लेकिन अभी बहुत लोग नहीं बाहर आ पाए हैं।"

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इनकी हुई मौत

  • फुलवा (45) निवासी सावला डेरा जरौरी जिला फतेहपुर।
  • किशन (1) पुत्र दिनेश यादव, निवासी मर्का।
  • राजरानी (40) निवासी कउहन जिला फतेहपुर।
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