आज से 3 दिन बुंदेलखंड में अखिलेश:19 साल में 1 से 5 विधानसभा सीट तक पहुंची थी सपा, 2017 में फिर हो गई जीरो

बांदाएक वर्ष पहले

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज से तीन दिवसीय बुंदेलखंड दौरे पर हैं। आगामी चुनाव से पहले विकास को तरसते बुंदेलखंड का हर पार्टी दौरा कर रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के बाद प्रियंका गांधी और अब अखिलेश यादव 1 दिसंबर को बांदा, महोबा, ललितपुर और झांसी दौरे पर जा रहे हैं। दलित और पिछड़े बाहुल्य बुंदेलखंड में सपा का जनाधार बहुत अच्छा नहीं रहा है।

1993 में एक तो 2012 में 5 सीट मिली थी। इसके बाद 2017 में यहां सपा का सफाया हो गया। ऐसे में बुंदेलखंड में सपा के सूखे को खत्म करने के लिए एक बार फिर अखिलेश यादव मैदान में उतर रहे हैं।

महोबा से लेकर झांसी तक जाएंगे

  • पश्चिम और पूर्वांचल में शक्ति प्रदर्शन के बाद अखिलेश यादव अपनी तय रणनीति के अनुसार बुंदेलखंड में अपनी विजय रथ यात्रा के जरिए जनता से रुबरू होंगे।
  • कार्यक्रम के अनुसार, आज अखिलेश यादव हेलीकाप्टर से बांदा पहुंचेंगे। जहां वह एक जनसभा को संबोधित करके रथ यात्रा के साथ महोबा पहुंचेंगे। यहां भी उनकी एक जनसभा है। महोबा में रात्रि विश्राम कर अखिलेश यादव 2 दिसंबर को ललितपुर रवाना हो जाएंगे। ललितपुर में जनसभा के बाद वह हेलीकाप्टर से झांसी जाएंगे। वहां वह रात्रि विश्राम करेंगे और रथ यात्रा के साथ ही अगले दिन जनसभा करते हुए लखनऊ लौट आएंगे।

2012 में मिली थी 5 सीट

1992 में समाजवादी पार्टी का गठन हुआ था। इसके तुरंत बाद 1993 में चुनाव हुए। तब सपा को बुंदेलखंड में मात्र 1 सीट मिली थी। हालांकि, इसके बाद उसका फोकस बुंदेलखंड पर बढ़ा, लेकिन 1 से 5 सीट आते आते 19 साल का वक्त बीत गया। 2012 में सपा को बहुमत मिला था। फिर भी बुंदेलखंड की 19 सीट में से 5 सीट ही मिली थीं।

2017 में 10 सीटों पर ही लड़ी थी सपा

2017 में अखिलेश यादव ने कांग्रेस से गठबंधन किया था। बुंदेलखंड की 19 सीटों में से 9 कांग्रेस के खाते में गई थी। जबकि 10 सीटों पर सपा ने चुनाव लड़ा था। हालांकि इन 10 सीटों पर सपा दूसरे नंबर की पार्टी रही।

जिन जिलों के दौरे पर अखिलेश, वहां 2 जिलों में सपा है जीरो

अखिलेश यादव तीन दिन में बांदा, महोबा, ललितपुर और झांसी का दौरा करेंगे। इनमें से 2 जिलों में सपा मजबूत स्थिति में नही है। बीते 3 चुनावों में ललितपुर और महोबा में एक भी सीट सपा नहीं जीती है।