गलघोटू बीमारी का प्रकोप::पचोखर में बच्चे की मौत के बाद भी विभाग बेखबर, नहीं हो रहा सर्वे

2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गलघोटू बीमारी का प्रकोप - Dainik Bhaskar
गलघोटू बीमारी का प्रकोप

बाँदा के पचोखर गांव के बच्चे की डिप्थीरिया से मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गहरी नींद सोई है। शुक्रवार को टीम गांव नहीं पहुंची। इसी तरह त्रिवेणी गांव में हुआ था। डिप्थीरिया (गलघोटू) के फैलाव में देर से विभागीय अधिकारी व कर्मचारी हरकत में आए थे। इससे चार बच्चों की जान से हाथ धोना पड़ा था। हालांकि सीएचसी अधीक्षक गांव में दो मरीज मिलने के बाद तीन बार गांव के स्कूलों में टीकाकरण कराने का दावा कर रहे हैं।

पचोखर गांव निवासी सत्यनारायण त्रिपाठी का पुत्र नकुल (8) कई दिनों से बीमार था। गले में सूजन और दर्द की शिकायत थी। करीब चार दिन रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में उसका इलाज हुआ। बुधवार को हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने उसे रेफर कर दिया। परिजन प्रयागराज ले गए। शुक्रवार की शाम उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मौत की जानकारी मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डोर टू डोर सर्वे और वहां के मरीजों के उपचार के लिए नहीं पहुंची। गांव के रमेश,संतोष,पूर्व प्रधान लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले शुक्रवार, मंगलवार व बुधवार को गांव के स्कूलों में आई थी। जहां बच्चों का टीकाकरण किया था। जबकि टीम को घर घर पहुंचकर जांच व टीकाकरण करना चाहिए। लेकिन अभी तक वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सफाई व दवा का छिड़काव आदि भी नहीं कराया गया है।

वहीं इस संबंध में बहेरी सीएचसी प्रभारी डा. देव तिवारी ने बताया कि डिप्थीरिया मरीज मिलने के बाद गांव में स्वास्थ्य टीम को भेज मरीज के मुहल्ले व सभी स्कूलों में सात से पंद्रह आयु के बच्चों का टीकाकरण कराया जा चुका है। शनिवार को टीम को फिर भेजकर बृह्द टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।

डिप्थीरिया ग्रसित बच्चे की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी

उधर, सीमावर्ती छतरपुर (मध्य प्रदेश) जनपद के बसहरी गांव निवासी भूरेलाल का पुत्र अमित (9) की शुक्रवार को सुबह हालत बिगड़ गई। घरवालों ने उसे बांदा जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया है। उसे डिप्थीरिया के लिए आरक्षित वार्ड में रखा गया है। इस वार्ड में अब मरीजों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। यहां पहले से त्रिवेणी, बिसंडा, पचोखर के बच्चे भर्ती हैं। फिजीशियन और ईएनटी विशेषज्ञ उनका इलाज कर रहे हैं। सीएमएस डा.एसएन मिश्र ने बताया कि डिप्थीरिया ग्रसित बच्चे की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी गई है।

8 डिप्थीरिया संदिग्ध मरीज भर्ती

सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि अमित की डिप्थीरिया जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर छतरपुर जिले के सीएमओ को अवगत कराया गया है। जिससे गांव में इस मर्ज के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने नकुल की मृत्यु की भी पुष्टि की। बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर सर्वे कराएंगे। बीमार बच्चों का इलाज किया जाएगा। मौजूदा में मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में कुल 8 डिप्थीरिया संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। अब तक 24 बच्चों का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। लेकिन रिपोर्ट सिर्फ सात की ही आई।

खबरें और भी हैं...