बांदा में जल संचयन के काम में जुटे डीएम:खुद जेसीबी चलाकर की मिट्टी की खुदाई, बारिश के पानी को बचाने की चल रही कवायद

बांदा2 महीने पहले
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बांदा में जल संचयन के काम में जुटे डीएम - Dainik Bhaskar
बांदा में जल संचयन के काम में जुटे डीएम

बांदा में डीएम द्वारा जेसीबी चलाकर खुदाई करने का एक वीडियो वायरल हुआ है। डीएम अनुराग पटेल द्वारा इस समय जल संचयन को लेकर प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की मुहिम चलाई जा रही है। इसके तहत जनपद के कई सूखे हुए तालाबों ,नदियों और झीलों को चिन्हित कर उन्हें पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि सारी गाड़ियां चला लेता हूं। जेसीबी चलाना काफी कठिन है। इसीलिए मैं यह देख रहा था और चलाना सीख रहा था। जल संचयन मेरा प्रिय विषय है। इसलिए जल संचयन में कुछ ना कुछ करता रहता हूं।

जिले के नरैनी क्षेत्र में बहने वाली 21 किलोमीटर लंबी गहरार नदी पूरी तरह सूख चुकी है। जिसको पुनर्जीवित करने के लिए वहां खुदाई का कार्य किया जा रहा है। जिसका निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने खुद कुछ समय जेसीबी में बैठकर नदी के रास्ते में जमी मिट्टी को खोदने का काम किया। जिसका वीडियो अब वायरल हो गया है ।

नदी में चल रहे काम को देखने पहुंचे थे डीएम

जिले के नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका गांव में बहने वाली गहरार नदी पूरी तरीके से सूख चुकी है। जिसको फिर से पुनर्जीवित करने के लिए इस समय खुदाई वह सफाई का कार्य चल रहा है। डीएम गहरार नदी में हो रहे कार्य को देखने के लिए वहां गए थे।

डीएम,एसडीएम ने किया श्रमदान

गहरार नदी में 3-4 स्थल ऐसे है जिनमें मनरेगा के तहत कार्य कराया जाना कठिन है और उनके द्वारा स्पष्ट रूप से कलई डालकर स्थल चिन्हित किए गए है। इसी को दृष्टिगत रखते हुये जिलाधिकारी बांदा अनुराग पटेल द्वारा मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम नरैनी एवं खण्ड विकास अधिकारी नरैनी के साथ गहरार नदी में चिन्हित किए गए स्थलों पर जाकर श्रमदान हेतु मुफ्त 3 जगहों पर जेसीबी को लगाकर खुदाई का कार्य प्रारंभ किया गया। जिसमें नरैनी क्षेत्र के खन्न पट्टेदारों द्वारा मुफ्त श्रमदान हेतु जेसीबी उपलब्ध कराई गई है।

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