पीडब्ल्यूडी में करोड़ों के घोटाले की जांच शुरू:बांदा आई सीएजी की छह सदस्यीय टीम, लेखाधिकारी के बयान किए दर्ज, सात दिन रहेगी

बांदाएक महीने पहले
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बांदा में लोक निर्माण विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच शुरू हो गई है। - Dainik Bhaskar
बांदा में लोक निर्माण विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच शुरू हो गई है।

बांदा में लोक निर्माण विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच शुरू हो गई है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) दिल्ली की छह सदस्यीय स्पेशल टीम मुख्यालय आ गई। टीम ने कई विभागीय अधिकारियों और लेखाधिकारी के बयान दर्ज किए। दस्तावेजों का परीक्षण भी किया। यहां टीम सात दिन रहकर जांच करेगी।

अधिशासी अधिकारी ने लेखाधिकारी को माना दोषी

लोक निर्माण विभाग में करोड़ों रुपये के राजस्व क्षति और ठेकेदारों से अवैध वसूली का मामला गर्माया हुआ है। विभिन्न संगठन जांच की मांग के लिए आंदोलित हैं। बुंदेलखंड इंसाफ सेना करीब 20 दिन से अशोक लाट कचहरी तिराहे पर अनशन कर रही है। वहीं पिछले दिनों अधिशासी अधिकारी ने आईजीआरएस की शिकायत का जवाब देते हुए घोटाले के लिए लेखाधिकारी को दोषी माना था।

अधिशासी अधिकारी ने आईजीआरएस की शिकायत का जवाब देते हुए घोटाले के लिए लेखाधिकारी को दोषी माना था।
अधिशासी अधिकारी ने आईजीआरएस की शिकायत का जवाब देते हुए घोटाले के लिए लेखाधिकारी को दोषी माना था।

टीम पत्रावलियों का कर रही परीक्षण

वहीं जांच करने आई टीम के एक सदस्य ने बताया कि पत्रावलियों में अभी तक ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिसमें भ्रष्टाचार प्रमाणित हो। पिछले एक साल में किए गए भुगतान का परीक्षण किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र कुमार का कहना है कि लेखाकार विभाग की टीम पत्रावलियों का परीक्षण कर रही है। जल्द सही स्थिति सामने आएगी।

वहीं शिकायत के बाद पीडब्लूडी में करोड़ों रुपये के राजस्व क्षति और ठेकेदारों से अवैध वसूली का मामला ठंडे बस्ते से निकालकर गर्मा गया है। उधर, पिछले दिनों अधिशासी अधिकारी ने आईजीआरएस की शिकायत पर जवाब दिया था। एक्सईएन की रिपोर्ट औऱ महालेखाकर के आदेश पर छह सदस्यों की विशेष टीम ने मुख्यालय आकर पत्रावलियां खंगालनी शुरू कर दी हैं। जल्द ही टीम किसी नतीजे पर पहुंच सकती है।