बांदा नाव हादसे में मरने वालों की संख्या 12 हुई:8 शव बहकर फतेहपुर बॉर्डर पहुंचे, 3 की तलाश के लिए फिर चलेगा 'ऑपरेशन जिंदगी'

बांदाएक महीने पहले

रक्षाबंधन के दिन बांदा में यमुना में हुए नाव हादसे में 9 लोगों के शव शनिवार को मिले हैं। 8 शव बहकर फतेहपुर बॉर्डर तक पहुंच गए थे। एक शव मरका घाट से मिला है। तीन शव 11 अगस्त को बरामद हुआ था। हादसे में मरने वालों की संख्या अब 12 हो गई है।

इधर, लापता लोगों में से 5 अपने घर में जिंदा मिले हैं। इसकी पुष्टि पुलिस वेरिफिकेशन में हुई है। नाव में 35 लोग सवार थे। इनमें से 3 अब भी लापता हैं। 15 लोगों को हादसे के दिन ही बचा लिया गया था।

शनिवार सुबह 6 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान रात 9 बजे तक चला। अब रविवार सुबह फिर 'ऑपरेशन जिंदगी' चलाया जाएगा।

  • खबर में आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा ले सकते हैं...

एक मृतक की शिनाख्त रिश्तेदार ने की
एएसपी अभिनंदन ने बताया, "8 में से दो शव फतेहपुर के असोथर के पास मिले हैं। लापता लोगों के परिजन को बुलाकर शिनाख्त कराई गई।" मरका निवासी छुटका ने बताया, "उसकी चाची माया पत्नी दिनेश का शव किशनपुर के नरौली घाट पर मिला है, वहां रहने वाले रिश्तेदार ने पहचान की है।"

शनिवार शाम 6 बजे उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद मरका घाट पहुंचे। मंत्री डॉ. संजय कुमार ने रो रही एक महिला को गले लगाकर ढांढ़स बंधाया। इस दौरान उन्होंने मछुआरों को फ्री में हाईटेक नाव के साथ ही उनके उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

मरका घाट पर NDRF, SDRF और PAC के 78 जवानों ने 8 नावों से शुक्रवार तक कुल 14 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। 12 किमी की दूरी तक चप्पा-चप्पा खंगाला गया। गुरुवार रात 11.10 बजे ऑपरेशन जिंदगी नाम से रेस्क्यू शुरू हुआ था। एहतियातन यहां घाटों पर गोताखोरों को तैनात किया गया है। महेवा, कौशांबी, किशनपुर, फतेहपुर, चित्रकूट में जाल लगाया गया है।

नदी किनारे उतराए शव। प्रशासन शवों की शिनाख्त की कोशिश कर रही है।
नदी किनारे उतराए शव। प्रशासन शवों की शिनाख्त की कोशिश कर रही है।

लापता लोगों के मिलने की आस में परिजन पूरी रात बैठे रहे

मरका घाट पर गांव के लोग आस भरी निगाहों से यमुना नदी की तरफ देखते हैं। अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है।
मरका घाट पर गांव के लोग आस भरी निगाहों से यमुना नदी की तरफ देखते हैं। अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है।

यमुना नदी के किनारे लापता लोगों के परिजन और गांव के लोग पूरी रात बैठे रहे। रुक-रुककर लोगों के रोने-चीखने की आवाज आती रहीं। मौके पर लोकल गोताखोर के साथ, स्टीमर और नाविक भी हैं, जो उन्हें गाइड करेंगे।

स्थानीय विजय शंकर ने बताया- हर साल रक्षाबंधन के दिन यमुना नदी के किनारे मेला लगता है। इस मेले को नवी मेला कहते हैं। इसमें गांव के लोग शामिल होते हैं। महिलाएं यमुना नदी में नौनियां गांव की यात्रा करती हैं, लेकिन गुरुवार दोपहर नाव डूब जाने की वजह से मेला नहीं लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, "नाव पर 20 लोगों के बैठने की क्षमता थी, जबकि उसमें 35 लोगों के अलावा कुछ मोटरसाइकिल भी लदी थीं।"

डूबने की सटीक लोकेशन नहीं मिलने से ऑपरेशन में परेशानी

नदी में नाव डूबने की सटीक लोकेशन नहीं मिलने से टीम के सामने चुनौती बढ़ गई है।
नदी में नाव डूबने की सटीक लोकेशन नहीं मिलने से टीम के सामने चुनौती बढ़ गई है।

केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति शुक्रवार को फतेहपुर के असोथर राम नगर कौहन्न घाट पहुंची थीं। उन्होंने कहा, "बांदा प्रशासन ने फतेहपुर प्रशासन का तुरंत सहयोग नहीं लिया। उन्होंने रेस्क्यू के लिए स्टीमर और बड़े जाल को उपलब्ध कराने की मांग की है।''

NDRF कमांडेंट नीरज मिश्रा ने बताया, "पानी की गहराई 40 से 50 फीट है। अभी तक किसी की सही लोकेशन का पता नहीं चल पाया है। कोई भी प्रत्यक्षदर्शी सही बात नहीं बता पा रहा है। कोई बता रहा है कि नाव नदी के बीचों बीच पलटी है। कोई बता रहा है कि किनारे आते वक्त पलटी है। मटमैला पानी होने के चलते भी ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।"

पीड़ितों की कहानी, उनकी जुबानी
बृजकिशोर राखी बंधवाने के लिए पत्नी को लेकर कठौता जा रहे थे। तभी अचानक नाव डूब गई। उन्होंने किसी तरह से अपनी जान बचा ली। पत्नी का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटनास्थल पर पहुंची ममता अपने बेटे को याद कर के फूट-फूट कर रोने लगीं। उन्होंने कहा, ''मेरा बेटा राखी बंधवाने आया था। वापस जाने के दौरान डूबने से उसकी मौत हो गई।''

फूलक की रहने वाली ममता ने बताया, ''मेरी देवरानी और बेटी राखी बांधने जा रहे थे। बेटी की डूबने से मौत से हो गई। देवरानी तैरकर बाहर निकल आई।'' नदी के किनारे बैठीं जवेत्री ने कहा- "मेरे पति झल्लू रक्षाबंधन मनाने के लिए दो दिन पहले गुजरात से आए थे। वो लापता हैं।"

रेस्क्यू में 8 नावों के साथ जुटी टीम

  • NDRF की 30 सदस्यीय टीम 4 नाव के साथ।
  • SDRF की 35 सदस्यीय टीम तीन नाव के साथ।
  • 13 सदस्यीय PAC भी एक नाव के साथ।

बीच धार में पहुंचते ही पलटी नाव

ये तस्वीर नाव डूबने से ठीक पहले की है। पानी की धारा में अचानक नाव डूब गई थी।
ये तस्वीर नाव डूबने से ठीक पहले की है। पानी की धारा में अचानक नाव डूब गई थी।

रक्षाबंधन पर बुधवार को समगरा गांव से महिलाएं और अन्य लोग मरका घाट पर पहुंचे थे। यमुना नदी पार करके फतेहपुर जिले के असोथर घाट जाने के लिए नाव पर 35 लोग सवार हुए थे। यमुना नदी में बीच धारा में पहुंचते ही नाव का बैलेंस बिगड़ गया और वह पलट गई।

बांस के सहारे आया बाहर
नदी से बचकर आए केपी यादव ने बताया, "मैं लखनऊ से समधरा आया था। समधरा अपनी वाइफ को छोड़कर अपनी बहन के घर राखी बंधवाने जा रहा था। मुझे बरैची जाना था। मैं मोटरसाइकिल से अकेला जा रहा था। मैं नाव पर मोटरसाइकिल के साथ सवार हुआ, मेरी मोटर साइकिल डूब गई।"

यादव ने कहा, "मैं किसी तरह बांस के सहारे बाहर निकल पाया। नाव की पतवार अचानक से टूट गई। तेज बहाव की वजह से नाव असंतुलित हो गई। नाविक संभाल नहीं पाया। उसके बाद नाव पलट गई। कुछ लोग तो बच गए हैं, लेकिन अभी बहुत लोग नहीं बाहर आ पाए हैं।"

भाजपा नेता रामकेश निषाद और राकेश सचान घटनास्थल पर पहुंचे थे। मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की गई है।

13 अगस्त को इनके मिले शव

  • राजू पुत्र मुन्ना प्रसाद, निवासी लक्ष्मणपुर, फतेहपुर।
  • गीता पत्नी ब्रजकिशोर, निवासी मुंडवारा, थाना मरका, जनपद बांदा।
  • माया पत्नी दिनेश, निवासी मरका, जनपद बांदा।
  • मुन्ना उर्फ रामप्रसाद पुत्र रामचरण, जरौली, जनपद फतेहपुर।
  • प्रीति पत्नी विकास, निवासी महिला थाना मरका, जनपद बांदा।
  • झल्लू पुत्र लाला, निवासी दूसुवा का डेरा सरकंडी, जनपद फतेहपुर
  • मुन्ना, सावला डेरा जरौरी गांव फतेहरपुर
  • 2 शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है

11 अगस्त को इनकी हुई थी मौत

  • फुलवा (45) निवासी सावला डेरा जरौरी जिला फतेहपुर।
  • किशन (1) पुत्र दिनेश यादव, निवासी मर्का।
  • राजरानी (40) निवासी कउहन जिला फतेहपुर।

SDM फतेहपुर का वीडियो भी वायरल हुआ
गुरुवार को फतेहपुर के सदर SDM एनपी मौर्य का वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह कर रहे कि यह तो बांदा जिले की घटना है हम तो तमाशबीन लोग हैं और तमाशा देख रहे हैं। खास बात यह है कि SDM पहले बांदा में ही तैनात थे। हाल ही में ट्रांसफर होकर फतेहपुर आए है।

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