महिला अस्पताल में घंटों बिजली रही गुल:बांदा में पारा 50 डिग्री सेल्सियस, फिर भी कटौती जारी; तीमारदार बोले- ये पहली बार नहीं, हमेश यही होता है

बांदा2 महीने पहले

बांदा में महिला जिला अस्पताल का बुरा हाल है। कहीं डॉक्टरों की कमी तो कहीं दवाओं का टोटा। इतना ही नहीं भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी में पंखे की हवा भी नसीब नहीं हो रही है। जी हां, अस्पताल के जिम्मेदार व्यवस्थाएं बेहतर होने के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन मंगलवार रात करीब डेढ़ घंटे अस्पताल की बिजली गुल रही। इसका खामियाजा अस्पताल में भर्ती मरीजों को भुगतना पड़ा। गर्मी से राहत पाने के लिए मरीज और तीमारदारों ने हाथ वाले पंखे का सहारा लिया।

बांदा में पारा 50 डिग्री सेल्सियस
जिले में इस समय पारा 50 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। बांदा यूपी का सबसे गर्म शहर है। ऐसे में यहां विद्युत की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, लेकिन जिले के ग्रामीण इलाकों को छोड़िए शहर तक में हालत खराब है। घंटों-घंटों बत्ती गुल हो जा रही है। लोग गंर्मी में बेहाल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार हैं कि पर्याप्त बिजली मिलने का दावा कर रहे हैं। हालांकि जिम्मेदारों के इन दावों को महिला जिला अस्पताल आइना दिखा रहा है।

मोबाइल की रोशनी में मरीजों को खाना-पीना कराया जाता है।
मोबाइल की रोशनी में मरीजों को खाना-पीना कराया जाता है।

मंगलवार रात करीब 9 से 11 महिला जिला अस्पताल के वार्डों में अंधेरा पसरा रहा। वहीं, मरीज और उनके साथ में रुके तीमारदार हाथ वाले पंखे से गर्मी को दूर करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन चारों से बंद होने की वजह से उमस भरी गर्मी में पंखे से गर्मी दूर नहीं हो रही थी, इससे मरीज और उनके तीमारदार काफी परेशान हुए।

छोटे-छोटे बच्चे परेशान
वहीं मरीज के साथ आए एक तीमारदार ने बताया, लाइट डेढ़ घंटे से नहीं है। बहुत परेशानी हो रही है। अभी परिवार की महिला की डिलीवरी हुई है। बच्चे को अंधेरे में, गर्मी में रखना पड़ रहा है। यहां कोई सुविधा नहीं है। जनरेटर भी नहीं चल रहा है। वहीं कमलेश ने बताया, लाइट न होने के चलते छोटे-छोटे बच्चे परेशान हो रहे हैं। काफी देर से अंधेरा पड़ा है। कोई सुनने वाला नहीं है। मरीज के साथ-साथ बच्चे भी परेशान हो रहे हैं। दिन में कई बार लाइट जाती है।

लाइट न होने के चलते हाथ के पंखे से मरीज को हवा करती महिला।
लाइट न होने के चलते हाथ के पंखे से मरीज को हवा करती महिला।

जनरेटर है, पर चलता नहीं
वहीं बिंदा ने बताया, वो महिला को अस्पताल में डिलीवरी के लिए लेकर आया है। दिन में एक एक घंटे को लाइट नहीं रहती है। यहां काफी लोग भर्ती हैं। हम लोग मजबूरी में इस तरह गर्मी में बिना लाइट के काट रहे हैं। वहीं महिला मरीज ने बताया, लाइट न आने से गर्मी के सब बेहाल हैं। बच्चे गर्मी के मारे तड़प रहे हैं। अंधेरे में खाना-पीना करना पड़ रहा है। टॉर्च की रोशनी से काम चल रहा है। कोई सुनने वाला नहीं है। जनरेटर है, लेकिन चल नहीं रहा है।

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