UP के बांदा में 6 बच्चों की डूबने से मौत:महालक्ष्मी पूजन में शामिल होने गए थे, तालाब में विसर्जन के दौरान हुआ हादसा; 2 सगे भाई-बहन भी शामिल

बांदा21 दिन पहले
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बांदा में मंगलवार को अलग-अलग हादसों में 6 बच्चों की डूबने से मौत हो गई है। सभी बच्चे बुंदेलखंड के पर्व महालक्ष्मी पूजन में शामिल होने अपने परिजनों के साथ तालाब पर गए थे। मरने वालों में दो सगे भाई बहन भी शामिल हैं। यह हादसे बांदा के 3 तहसीलों में हुए हैं। बांदा सदर में एक बच्चे, नरैनी तहसील में 3 बच्चों और बबेरू में 2 की मौत हुई है।

महा लक्ष्मी पूजन के लिए अपने परिजनों के साथ कुलावल रायपुर गांव से बच्चे भी केन नदी गए हुए थे। वहां महिलाएं 16 दिन व्रत के बाद विसर्जन कर रही थीं, तभी बच्चे भी नदी में उतर गए, जहां पैर फिसलने से 11 वर्षीय सीता, 14 वर्षीय उमेश और 7 वर्षीय सूरज डूब गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बच्चों को नदी से निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों की मौत ही चुकी थी। सीता और उमेश सगे भाई बहन थे।

पैर फिसलने से 11 वर्षीय सीता, 14 वर्षीय उमेश और 7 वर्षीय सूरज की डूब कर मौत हो गई।
पैर फिसलने से 11 वर्षीय सीता, 14 वर्षीय उमेश और 7 वर्षीय सूरज की डूब कर मौत हो गई।

बबेरू तहसील में दो नदियों में डूबकर दो की मौत
बबेरू तहसील में दो हादसों में दो बच्चों की डूबकर मौत हो गई। 8 वर्षीय अमृता गांव की महिलाओं के साथ गडरा नदी गई थी। महिलाएं पानी में नहा रही थीं तभी अमृता नदी में उतर गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता वह डूब गई। इसके बाद वहां हल्ला मच गया। अमृता के परिजन भी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों ने नदी से अमृता का शव बाहर निकाला।

इसी तरह बबेरू के टोला कला गांव में मटियारी नदी में एक बच्चे की डूबकर मौत हो गई। अभी उसका शव भी बरामद नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों को आशंका है कि वह बच नहीं पाई है। फिलहाल शव की खोज चल रही है।

काफी देर नदी में गोताखोरों ने ढूंढा तो अमृता मिली।
काफी देर नदी में गोताखोरों ने ढूंढा तो अमृता मिली।

सदर तहसील में तालाब में डूबकर बच्ची की मौत
बांदा सदर तहसील के जारी गांव में महालक्ष्मी पूजन में शामिल होने आई 14 वर्षीय निशा की भी तालाब में डूबकर मौत हो गई। वह अपनी मां के साथ तालाब पर पूजन करने पहुंची थी। ग्रामीणों ने उसे तालाब से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

14 वर्षीय निशा को ग्रामीणों ने तालाब से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
14 वर्षीय निशा को ग्रामीणों ने तालाब से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्या है महालक्ष्मी पूजन
बुंदेलखंड में पितृपक्ष के दौरान महिलाएं 16 दिन महालक्ष्मी का पूजन करती हैं। इस पूजन का मंगलवार को अंतिम दिन था। पूजन के दौरान महिलाएं हाथ में एक धागा बांधती हैं। जिसका विसर्जन अंतिम दिन करती है। माना जाता है कि जो बच्चे गर्भ में या असमय मौत के गाल में समा जाते हैं उन्हें इससे श्राद्ध दिया जाता है।

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