योगी की रैली के पहले छोड़े सैकड़ों सांड:बाराबंकी आए तो CM बोले- गायों को बूचड़खाने में कटने नहीं देंगे, किसानों की फसल भी बचाएंगे

बाराबंकी7 महीने पहले

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बाराबंकी पहुंचे। यहां उन्होंने 5:49 बजे कुर्सी विधानसभा में रैली की। यहां किसानों ने रैली से 500 मीटर की दूरी पर मैदान में सैकड़ों गाय, बैल और सांडों को छोड़ दिए। इससे यहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिसवालों ने बांस-बल्ली लगाकर आवारा जानवरों को रैली में आने से रोका। किसानों ने कहा, 'सीएम को भी पता चलना चाहिए गाय-सांड से हमें कितनी समस्या होती है।

बाराबंकी में सीएम की रैली करीब डेढ़ घंटे देरी शुरू हुई। यहां उन्हें 4 बजे पहुंचना था। योगी ने आवारा जानवरों की समस्या का अपने भाषण में भी जिक्र किया। कहा, यूपी में जब भाजपा की सरकार बनी तो पहला फैसला किसानों के लिए तो दूसरा निर्णय बेटियों की सुरक्षा था। हमने फैसला लिया था कि गोवंश को बूचड़खानों में कटने नहीं देंगे तो किसानों की फसलें भी नष्ट नहीं होने देंगे। इसके लिए जगह-जगह गोशालाएं बनवाईं। आगे और भी बड़े फैसले किसानों के हित में लिए जाएंगे।

कांग्रेस बोली- भाजपा सरकार और सांड दोनों जाने वाले हैं

कांग्रेस ने सीएम योगी पर तंज कसा है। सोशल मीडिया पर लिखा, 5 सालों में उत्तर प्रदेश में जितने भाजपा के सदस्य नहीं बने होंगे, उससे 5 गुना ज्यादा तो सांड इकट्ठे कर दिए भाजपा की सरकार ने। चुनाव आते ही अब कह रहे हैं कि “छुट्टा जानवरों” का इंतजाम बांधेंगे। सुनते ही भाजपा के कार्यकर्ता सहमे हुए हैं। भाजपा सरकार और सांड दोनों जाने वाले हैं..

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर जनता से यह वादा किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर जनता से यह वादा किया।

सपा-बसपा की सरकार होती तो वैक्सीन ब्लैक होती

योगी ने कहा, 'आज 24 घंटे बिजली मिल रही है। पहले ईद-मोहर्रम में मिलती थी, होली-दिवाली पर बिजली नहीं आती थी। अब हर धर्म के त्योहार पर बिजली आती है। बाराबंकी में एक लाख 21 हजार 800 से अधिक किसानों का कर्ज माफ हुआ था। कोरोना की तीसरी लहर कब आई, कब गई, पता नहीं चला। अगर सपा-बसपा की सरकार होती तो यह वैक्सीन भी बाजार में ब्लैक हो जाती।

डबल इंजन की सरकार है तो राशन की भी डबल डोज मिल रही है। क्या 2017 से पहले भी मिलता था? गरीबों का पैसा पहले इत्र वाले मित्र के यहां चला जाता था। एक हाथ में विकास के काम तो दूसरे हाथ में बुलडोजर होगा।

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आसपास के कई गांवों से जुटाए गए पशु।
आसपास के कई गांवों से जुटाए गए पशु।

जानवरों से किसानों की फसलों को हो रहा नुकसान
बता दें कि, इस समय प्रदेश में आवारा छुट्टा जानवर बड़ी परेशानी का सबब हैं। इसके चलते सड़कों पर जगह-जगह आवारा छुट्टे जानवरों का झुंड देखने को मिलता है। सबसे ज्यादा इन जानवरों से किसान परेशान हैं। ये बड़े पैमाने पर किसानों की फसलें लगातार बर्बाद कर रहे हैं। जनसभा स्थल पर किसानों ने दर्जनों आवारा छुट्टे जानवर खदेड़ कर पहुंचा दिए हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।किसानों के विरोध का ये तरीका एकदम अलग है।

किसान गांव और अपने खेतों से खदेड़कर रैली स्थल तक लेकर आए।
किसान गांव और अपने खेतों से खदेड़कर रैली स्थल तक लेकर आए।

चुनाव के चौथे चरण में आवारा पशु बड़ा मुद्दा

UP की सड़कों पर आवारा पशुओं की तादाद बढ़ती गई। 2019 में जारी हुई पशु गणना की रिपोर्ट में मवेशियों की आबादी में 17% की बढ़ोतरी हुई थी। जबकि देश में आवारा पशुओं की संख्या में गिरावट हुई थी। यूपी में आवारा पशुओं की बढ़ोत्तरी का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। चुनावी एक्सपर्ट के मुताबिक चौथे चरण की 60 सीटों में कम से कम 50 पर इस बार सांड बड़ा मुद्दा है। ऐसा योगी सरकार में गोवंश को मिले संरक्षण में इनकी तादाद बढ़ने की वजह से हुआ है। वहीं, भूख शांत करने के लिए ये फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

इससे पहले रैलियों में जानवरों ने कब-कब डाली खलल

  • 25 दिसंबर 2021 में आगरा के गांव बटेश्वर में CM योगी की विजिट थी। ठीक उससे पहले सभास्थल में सांड घुस आया था। अफरा-तफरी मच गई थी।
  • 04 फरवरी 2022 कानपुर में जनसभा में उद्योग मंत्री सतीश महाना मौजूद थे। अचानक सांड आने से भगदड़ मच गई थी। बाद में उन्होंने कहा चलो नंदी के दर्शन हुए।
  • 17 फरवरी 2022 फिरोजाबाद में सपा की जनसभा के दौरान सांड घुस आए थे। अखिलेश यादव भाषण दे रहे थे। भगदड़ जैसे हालात बन गए थे।

योगी ने गोशालाएं बनवाईं, बजट भी दिया..
योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में 248 करोड़ के बजट का आवंटन गोशालाओं के लिए किया था। मौजूदा वक्त में गोशाला योजना 2022 में 570 गोशालाएं पंजीकृत हैं। कान्हा उपवन के जरिए संरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन खुद CM योगी भी सार्वजनिक मंच से कह चुके हैं कि ये इतना आसान नहीं है।

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