बाराबंकी…भाजपा सांसद उपेंद्र रावत ने दी सफाई:सरकार ने पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जनजातियों के लिये किया है काम, पार्टी छोड़ने वालों के आरोप सरासर गलत

बाराबंकी4 महीने पहले
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बीजेपी सांसद - Dainik Bhaskar
बीजेपी सांसद

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद में राजनीतिक पार्टियों में उठा पटक का दौर लगातार जारी है। नेता दल बदलने में लगे हुए हैं। उसी के चलते भाजपा के मंत्री और विधायक पार्टी को छोड़कर समाजवादी पार्टी के पाले में जा बैठे हैं और पार्टी छोड़ने का कारण बता रहे हैं कि पार्टी पिछड़ा वर्ग और दलित विरोधी है। जिसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के आरोपों का किया खंडन

भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी छोड़ने के बाद मंत्री दारा सिंह चौहान सहित तमाम विधायकों ने भाजपा का दामन छोड़ दिया और तमाम तरह के आरोपों और प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के आरोपों का खंडन करते हुए जनपद बाराबंकी से भारतीय जनता पार्टी से सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि भाजपा कभी पिछड़ा और दलित विरोधी नहीं रही जो लोग यह कह रहे हैं कि भाजपा में पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा की जा रही है। वह सरासर गलत है। क्योंकि इसका जीता जागता उदाहरण मैं खुद हूं। मैं भाजपा से विधायक रहा उसके बाद में आज मैं बाराबंकी से सांसद भी हूं।

भाजपा सरकार ने किया है काम ?

सांसद ने कहा कि जब कांग्रेस सेंटर में थी। तब अनुसूचित जनजाति का प्रमोशन में आरक्षण का बिल को हारने का काम सपा के सांसद ने किया था। वह बिल वैसे के वैसे पड़ा रहा, लेकिन उसके बाद जब मोदी सरकार आई। तब फिर से बिल को लेकर आई। जिसमें अनुसूचित जनजातियों को प्रमोशन में आरक्षण मिल सके और इस बिल को लोकसभा और राज्यसभा में पास कराया। प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता भाजपा सरकार ने साफ किया कैसे मान लिया जाए कि भाजपा पिछड़ों और दलितों के विरोधी है।

उपेंद्र सिंह ने कहा कि, आज मोदी सरकार हजारों सरकारी आवास दे रही है। आखिर आवास किस को मिलते हैं? गरीबों को मिलते हैं। अनुसूचित जनजाति के लोगों को मिलते हैं। राशन मिल रहा है। महीने में दो बार मोदी सरकार गरीबों को राशन दे रही है। गरीब तबके को पिछड़ों को अनुसूचित जनजाति के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। यह कहना कि भाजपा दलितों और पिछड़ों की विरोधी है यह पूरी तरह से गलत है।