बाराबंकी जिला अस्पताल में नशे में इलाज:OPD में शराब पीकर बैठता है डॉक्टर, महिला मरीजों पर कसता है फब्तियां; असिस्टेंट लिखता है दवाएं

बाराबंकी5 महीने पहले
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बाराबंकी में शराब के नशे में इलाज। - Dainik Bhaskar
बाराबंकी में शराब के नशे में इलाज।

बाराबंकी जिला अस्पताल में इलाज कराने से मरीज कतरा रहे हैं। ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में तैनात डॉक्टर साबह शराब के नशे में मरीजों का इलाज करते हैं। आरोप है कि उन्होंने नशे की हालत में कई बार मरीजों को गलत दवाएं दे दी। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। नाराज मरीजों के परिजन और डॉक्टर के बीच मारपीट की नौबत तक आ गई, लेकिन फिर भी डॉक्टर नशे में ही इलाज कर रहे हैं। CMO डॉ. रामजी वर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। ओपीडी में शराब पीकर बैठना बहुत ही आपत्तिजनक है। जांच के बाद डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि जिला अस्पताल मे रोजाना दूर-दूर से लाखों मरीज डॉक्टरों को दिखाने आते हैं। ऐसे में मरीजों को देखने वाला डॉक्टर ही नशे में धुत हो तो उनका इलाज कैसा होगा। ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में तैनात सर्जन डॉ. वीके चौधरी रोजाना नशे में मदमस्त होकर ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। यहां तक कि डॉक्टर साहब नशे में ही मरीजों का ऑपरेशन भी कर देते हैं। डॉक्टर साहब का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें दिख रहा है कि वह सही से चल नहीं पा रहे हैं।

आरोप है कि नशेड़ी डॉक्टर ने अपने साथ अनाधिकृत रूप से एक शख्स को भी अंदर बैठा रखा है, जो बिना किसी डिग्री के बाकायदा एक डॉक्टर की तरह मरीजों को देखता है और पर्चे पर दवा भी लिखता है। वहीं जब नशेड़ी डॉक्टर से बात करने की कोशिश की गई तो वह वहां से भागने लगा और कुछ देर बाद गायब हो गया।

खिड़की के अंदर से ही देखते हैं डॉक्टर

अस्पताल के साथी डॉक्टर भी नशेड़ी डॉक्टर की इस हरकत से परेशान हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर रोज नशे में रहते हैं, जिसके चलते उन्हें परेशानी होती है। ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट की ओपीडी में आए मरीजों ने बताया क डॉक्टर आए दिन नशे में धुत होकर देखते हैं। चाहे जितना गंभीर मरीज हो, वह खिड़की के अंदर से ही देखते हैं। लेकिन अगर कोई लड़की उनको दिखाने आ जाए तो नशे की हालत में भी डॉक्टर उसे अंदर बुलाकर देखते हैं।

महिला मरीजों ने लगाया छेड़खानी का आरोप

महिला मरीजों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अंदर बुलाकर जब उन्हें देखते हैं तो उन पर फब्तियां कसते हैं और आपत्तिजनक बातें भी करते हैं। एक महिला मरीज ने तो यहां तक आरोप लगाया कि डॉक्टर नशे की हालत में ही उसका ऑपरेशन कर रहे थे। जब उसे पता चला तो वह घबराई और किसी तरह से उसने ऑपरेशन करवाया।

CMO ने दिए जांच के आदेश

इसको लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनकी अनुपस्थिति में कामकाज देख रहे डॉक्टर राजेश कुशवाहा ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। CMO डॉ. रामजी वर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। ओपीडी में शराब पीकर बैठना बहुत ही आपत्तिजनक है। जांच के बाद डाक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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