बाराबंकी में ड्यूटी से लौट रहे फौजी की पिटाई:नशे में धुत पुलिसकर्मियों ने किया रिटायर्ड फौजी से मारपीट, पीड़ित ने कहा- नहीं हो रही कोई कार्रवाई

बाराबंकी7 दिन पहले
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बाराबंकी - Dainik Bhaskar
बाराबंकी

बाराबंकी में रिटायर्ड फौजी के साथ बदसलूकी और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि रेलवे विभाग में तैनात रिटायर्ड फौजी ड्यूटी कर वापस लौट रहे थे। उसके साथ नशे में धुत खाकी वर्दीधारी पुलिस वालों ने बदसलूकी करते हुए मारपीट की है। पीड़ित हो जी ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र का है। जहां पर एक रिटायर्ड फौजी रामनारायण थाना क्षेत्र के कोटवा रेलवे क्रॉसिंग पर गेटकीपर की नौकरी करता है और मसौली चौराहा पर ही एक क्वार्टर लेकर रहता है। बीती 9 जनवरी की रात रोज की तरह रिटायर्ड फौजी रेलवे विभाग से अपनी ड्यूटी खत्म करके वापस अपने क्वार्टर के लिए आ रहा था। तभी रेलवे क्रॉसिंग से चंद कदमों की दूरी तक बढ़ा ही था कि सामने से कुछ वाहन आते हुए नजर आए कोहरा काफी होने की वजह से फौजी सड़क किनारे रुक गया।

रिटायर्ड फौजी की पिटाई

सामने से आ रहे वाहन जब उसके पास पहुंचे तो उसने देखा कि यह कोटवा गांव के ही युवक हैं जो अपने घर वापस लौट रहे थे। दोनों में बातचीत हो रही थी कि उतने ही देर में सामने से जहांगीराबाद थाना पुलिस की सरकारी गाड़ी में सवार पुलिसकर्मी आ पहुंचे। जो की पूरी तरह नशे में धुत थे और वह फौजी से नाइट कर्फ्यू का हवाला देकर बदसलूकी करने लगे।

वहां पर मौजूद युवकों ने इसका विरोध किया, लेकिन क्या था वर्दी की नशे में चूर पुलिसकर्मियों ने तीन चार झापड़ फौजी को जड़ दिया। इतने से भी उनका पेट नहीं भरा तो वाहन से लाठियां निकालकर वहां पर मौजूद फौजी सहित युवकों को पीटने लगे। फौजी के साथ मारपीट करने के बाद पुलिस वाले चले गए।

फौजी का आरोप नहीं हो रही कार्रवाई

पीड़ित फौजी ने बताया कि उसने पुलिस वालों से बताया कि वह सेना का रिटायर्ड फौजी है और आपके कोटवा क्रॉसिंग पर गेटकीपर की नौकरी करता हूं। ड्यूटी खत्म करके वह वापस क्वार्टर लौट रहा हैं लेकिन नशेड़ी पुलिस वालों ने उसकी एक न सुनी और उसकी पिटाई कर दी पिटाई से आहत फौजी ने मसौली पुलिस से इसकी लिखित तहरीर देते हुए शिकायत की है लेकिन घटना के 10 दिन बीत जाने के बावजूद मसौली पुलिस कार्रवाई करने में आनाकानी कर रही है।

रिटायर्ड फौजी राम नारायण ने पूरे मामले की शिकायत की एक कॉपी पुलिस अधीक्षक बाराबंकी एडीजी लखनऊ को भी प्रेषित की है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई आरोपी पुलिसकर्मियों पर नहीं की गई है। ना ही फौजी की रिपोर्ट थाने में दर्ज की गई। थाने के पुलिसकर्मी मामले को रफा-दफा करने के लिए फौजी पर दबाव भी बना रहे हैं। अब देखना यह होगा कि आखिर बाराबंकी के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स इस पूरे मामले पर कितनी गंभीरता दिखाते हैं और उन दोषी पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती हैं?