बाराबंकी में 15 मौतों की आंखों देखी...:बस में सवार महिला बोली- नशे में थे ड्राइवर-कंडक्टर, 100 की स्पीड में दौड़ा रहे थे; अचानक जोर से आवाज आई और चीख-पुकार मच गई

बाराबंकी9 दिन पहले

बाराबंकी में गुरुवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हो गए। कुछ लोग मामूली रूप से घायल हैं। उन्हीं में से एक शारदा भी हैं। हादसे में वह बच गई हैं, लेकिन अभी भी डरी सहमी हैं। उन्होंने बताया कि हादसा बहुत ही भयानक था। बस में ड्राइवर और कंडक्टर शराब पी रहे थे। उनको शराब पीने से मना किया, लेकिन वो पहले से भी पिए थे।

नशे में ड्राइवर 100 की स्पीड में बस दौड़ा रहा था। सुबह का समय था तो ज्यादातर यात्री सो रहे थे। तेज आवाज आई तो सबकी नींद खुली। बस में चीख-पुकार मच गई। मैं किसी तरह से बाहर निकली तो देखा रेता लदे ट्रक से टक्कर हुई थी। बस के नीचे गाय भी मरी पड़ी थी। आस-पास के लोग दौड़कर आए। मुझे संभाला और दूसरे घायलों को बाहर निकाला। कुछ ही देर में पुलिस भी आ गई। सभी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। बताया कि बस में करीब 60-70 यात्री सवार थे। सभी दिल्ली से बहराइच जा रहे थे।

हादसे की वजह से शारदा सदमे में है। वह अपने पति की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि बस में ड्राइवर शराब पी रहे थे।
हादसे की वजह से शारदा सदमे में है। वह अपने पति की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि बस में ड्राइवर शराब पी रहे थे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी एक-दसूरे काे ढाढ़स बंधा रहे हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी एक-दसूरे काे ढाढ़स बंधा रहे हैं।

किसी ने बेटा तो किसी ने भाई खोया

जिला अस्पताल पहुंचे रामस्वरूप ने बताया कि उसका बेटा दिल्ली में मजदूरी करता था। बस से सवार किसी का फोन आया। उसने बताया कि बस से टक्कर हो गई। मैं घर से निकल गया तो पता चला कि सभी को बाराबंकी लाया गया है। यहां पर आया तो बेटा मरा मिला।

हादसे में रामस्वरूप के बेटे की मौत हो गई। मृतक उनके दूसरे नंबर का बेटा था। मृतक के चार बच्चे हैं।
हादसे में रामस्वरूप के बेटे की मौत हो गई। मृतक उनके दूसरे नंबर का बेटा था। मृतक के चार बच्चे हैं।

बताया कि मृतक उसके तीन बेटों में दूसरे नंबर का है। मृतक के चार बच्चे हैं। वहीं, सलमान ने बताया कि हादसे में उसके भाई की मौत हो गई है। वह दिल्ली के साइन बाग में गोश्त की दुकान चलाता था। उसके पास किसी का फोन आया था। वह यहां आया तो पता चला उसका भाई नहीं रहा। सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जिला अस्पताल में दिखा मौत का मंजर

गुरुवार की सुबह जिला अस्पताल घायलों और मृतकों के परिजनों की चीखों से सिहर उठा। जहां-तहां 14 लोगों के शव पड़े हुए थे। किसी का हाथ टूटा था तो किसी का पैर। कुछ लाशें बिना सिर के भी थीं। खून से लथपथ शव किसी का भी दिल दहला दे। उधर, घटनास्थल पर भी भयानक मंजर दिखा। बस दो हिस्सों में बंटकर चकनाचूर हो गई। मौके पर किसी के चप्पल तो किसी का सामान बिखरा पड़ा है।

ट्रक से टक्कर के बाद बस चकनाचूर हो गई है। बस में करीब 60 से 70 यात्री सवार थे। गाय को बचाने के चक्कर में हादसा हुआ है।
ट्रक से टक्कर के बाद बस चकनाचूर हो गई है। बस में करीब 60 से 70 यात्री सवार थे। गाय को बचाने के चक्कर में हादसा हुआ है।

JCB की मदद से बस और ट्रक को अलग किया

बाराबंकी SP यमुना प्रसाद ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। ट्रक में बालू लदी थी। मौके पर JCB बुलाई गई। इसकी मदद से बस और ट्रक को अलग किया गया। कई शव और यात्री बुरी तरह से फंस गए थे। 14 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। गैस कटर से गाड़ियों को काटकर यात्रियों को बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन ने कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया था, जिसके बाद मृतकों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया था, जिसके बाद मृतकों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
हादसे में कई लोगों के हाथ और पैर टूट गए हैं। कई लोगों को गंभीर चोट आई हैं। जिला अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है।
हादसे में कई लोगों के हाथ और पैर टूट गए हैं। कई लोगों को गंभीर चोट आई हैं। जिला अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है।
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