बरेली की डेढ़ वर्षीय अक्षवी का अनूठा कीर्तिमान:मिनटों में बिना अटके सुनाती है ABCD....., इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

फरीदपुर3 महीने पहले

एक कहावत है "पूत के पांव पालने में ही दिखने" लगते हैं। डेढ़ साल की अक्षवी जिसे उंगलियों पर पूरी ABCD याद है और वो मिनटों में उसे सुनाती है। इस कारनामे को जो भी देखता है वह हतप्रभ हो जाता है। उसकी इस अद्भुत याद्दाश्त के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ने दर्ज करके सम्मानित किया है। बच्ची के माता पिता गुजरात में कार्यरत हैं और वह बरेली के मढ़ीनाथ में अपने नाना-नानी के साथ रहती है।

याददाश्त तेज करने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते हैं, कोई बादाम खाता है तो कोई हरी पत्तेदार सब्जियां खाकर पाना चाहता है। लेकिन जिसकी याद्दाश्त पैदाइशी तेज हो और जो तुरंत सब याद कर ले उसे सौभाग्यशाली ही कहेंगे। मात्र 1 साल 7 महीने की अक्षवी 1 से 10 तक गिनती, अंग्रेजी वर्णमाला के 26 अक्षर पढ़ने के साथ ही किसी भी अक्षर या गिनती को बीच में ही पहचान लेती है।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से मिले मेडल और पेन के साथ अक्षवी की तस्वीर
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से मिले मेडल और पेन के साथ अक्षवी की तस्वीर

मां आकांक्षा ने वीडियो बना किया ट्रेंड

एमबीए पास उनकी मां आकांक्षा ने उन्हें ट्रेंड किया है। उन्होंने बताया कि जब वह सात साल की बड़ी बेटी अक्षिता को पढ़ाती हैं तो अक्षवी बड़े ध्यान से सुनती है और सब याद कर लेती है। फरीदपुर तहसील के ब्लॉक कुआडांडा साधन सहकारी समिति के सचिव केशव कुमार बरेली के मढ़ीनाथ मोहल्ले में रहते हैं। अक्षवी उनकी ही नातिन हैं। इस वक्त उनकी बेटी आकांक्षा घर आई हुई है जब उसने अक्षवी के इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने की बात बताई तो वह खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।

मां और बड़ी बहन आशवी के बीच में अक्षवी
मां और बड़ी बहन आशवी के बीच में अक्षवी

माता-पिता गुजरात में करते हैं नौकरी

आकांक्षा की शादी रुद्रपुर निवासी कोमल कुमार से हुई है। इस वक्त वह गुजरात के वापी शहर में रह रही हैं। कोमल वहां Afflatus Gravures Pvt.Ltd. कंपनी में मैनेजर हैं। अक्षवी का जन्म 7 अक्टूबर, 2020 को वापी में हुआ है। मार्च में आकांक्षा ने अक्षवी को लेकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एंट्री भेजी थी।

अक्षवी को मिला इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का सर्टिफिकेट।
अक्षवी को मिला इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का सर्टिफिकेट।

मेल के जरिए मिली जानकारी

अक्षवी की मां आकांक्षा ने बताया कि 23 अप्रैल को ई मेल के जरिये उन्हें अक्षवी के इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम आने की सूचना मिली थी। जिसके बाद अक्षवी के नाम मेडल, प्रमाण पत्र, पेन आदि सब भेज दिए हैं ।