बाल श्रम रोकने के लिए चला मिशन शक्ति अभियान:फेज 4 के तहत बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाकर की गई कार्रवाई

बरेली3 महीने पहले
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फेज 4 के तहत बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाकर की गई कार्रवाई। - Dainik Bhaskar
फेज 4 के तहत बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाकर की गई कार्रवाई।

बरेली में बाल श्रम रोकने के लिए गुरुवार को मिशन शक्ति फेज 4 के तहत बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाकर की गई कार्रवाई की गई। DM शिवाकान्त द्विवेदी के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार द्वारा बाल-विवाह एवं बाल श्रम के विरुद्ध वृहद अभियान का संचालन किया गया।

जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार द्वारा बाल-विवाह एवं बाल श्रम के विरुद्ध वृहद अभियान का संचालन किया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार द्वारा बाल-विवाह एवं बाल श्रम के विरुद्ध वृहद अभियान का संचालन किया।

इस दौरान ’’मिशन शक्ति फेज-4” कार्ययोजना के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, AHTU, चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में संबंधित विभाग के अफसर मौजूद रहे।

13 बच्चों को टीम ने किया चिन्हित

यह अभियान अय्यूब खान चौराहा, मिशन मार्केट, पंजाबी मार्केट, इस्लामिया मार्केट, कुतुबखाना मार्केट, बड़ा बाजार, कोहड़पीर, राजेंद्र नगर, 100 फीटा रोड पर चलाया गया। जिसमे संयुक्त टीम द्वारा दुकान वालों को जागरूक किया गया कि वो बच्चों से काम न करवाएं। इस दौरान बाल श्रम में लिप्त 13 बच्चों को चिन्हित करके उनके सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण जारी किए गए।

अभियान के दौरान टीम द्वारा दुकान वालों को जागरूक किया गया कि वो बच्चों से काम न करवाएं।
अभियान के दौरान टीम द्वारा दुकान वालों को जागरूक किया गया कि वो बच्चों से काम न करवाएं।

जिसमें सेवायोजकों के विरूद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम-2016 के अन्तर्गत कार्रवाई की जायेगी। इसके अतिरिक्त अभिलेखों को एकत्र किया गया ताकि उनकी आवश्यकतानुसार शासन द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से इन बच्चों को जोड़ा जा सके। इस दौरान आउटरीच कार्यकर्ता अनिल कुमार द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉको पर बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं बच्चों के द्वारा मिशन शक्ति फेज-4 का आयोजन किया गया।

’’मिशन शक्ति फेज-4” कार्ययोजना के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, AHTU, चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाया गया।
’’मिशन शक्ति फेज-4” कार्ययोजना के अन्तर्गत बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, AHTU, चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम रेस्क्यू एंड जागरूकता अभियान चलाया गया।

जिसमें महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा लोगों को बाल श्रम नहीं कराने के लिए जागरूक किया गया और बताया गया कि उनके क्षे़त्र में यदि कोई भी बालक बाल श्रम करते हुए दिखता है तो उसकी जानकारी तत्काल ही सम्बन्धित पुलिस थाने एवं 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर पर दें।

बालश्रम पर 2 वर्ष की सजा 50 हजार जुर्माने का प्रावधान

बाल श्रम के अन्तर्गत यदि कोई नियोक्ता 14 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे को किसी कार्य पर लगाता है तो ऐसा करने पर उसे 2 वर्ष तक की कैद की सजा और अधिकतम 50 हजार रुपये जुर्माने तक का प्रावधान है। DM ने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को आदेश दिया है कि ऐसे बच्चे जो बाल श्रम करते हुए मिलें, उन्हें आवश्यकतानुसार सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

इसी के साथ महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में लाभार्थियों को 4 हजार प्रतिमाह, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) योजना के अन्तर्गत लाभार्थियो को 2500 रुपये प्रतिमाह दिया जायेगा।