उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गिरफ्तार:लखीमपुर खीरी में पीड़ितों से मिलने जा रहे थे, प्रशासन ने की सख्ती तो धरने पर बैठे,कार्यकताओं ने की नारेबाजी; मनाने पर लौटे

बरेली20 दिन पहले
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हरीश रावत ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र को खतरा हो गया है, जो भी हक की आवाज़ उठाएगा उसे जेल भेज दिया जाएगा या मार दिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
हरीश रावत ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र को खतरा हो गया है, जो भी हक की आवाज़ उठाएगा उसे जेल भेज दिया जाएगा या मार दिया जाएगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ लखीमपुर खीरी जा रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को गुरुवार को पुलिस ने उत्तराखंड बॉर्डर पर रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। जिसके बाद कांग्रेसी हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया लेकिन बाद में प्रशासन के मान मनौव्वल पर पूर्व मुख्यमंत्री वापस लौट गए।

लखीमपुर खीरी के पीड़ितों से मिलने जा रहे थे

लखीमपुर खीरी में किसानों की गाड़ी से कुचल कर हत्या के मामले में पीड़ित किसानों से मिलने के लिए गुरुवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कार्यकर्ताओं के साथ निकले। जैसे ही वह यूपी के बहेड़ी उत्तराखंड बॉर्डर पर बने टोल प्लाजा पर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद टोल प्लाजा पर कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू कर दिया तो पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को गिरफ्तार कर लिया। इससे नाराज बड़ी संख्या में कांग्रेसी धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और जबरन लखीमपुर खीरी जाने की मांग करने लगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हरीश रावत को टोल प्लाजा में सुरक्षित स्थान पर बैठा दिया। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने मान मनव्वल शुरू की टी कुछ समय बाद हरीश रावत वापस लौट गए।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

सरकार को लेकर हरीश रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज किसान अपने हक की आवाज़ उठा नहीं सकता।।अगर वह हक कि आवाज उठता है तो किसानों को गाड़ी से कुचल कर मार दिया जाता है। प्रियंका गांधी जी पीड़ित किसानों से मुलाकात के लिए जाने का प्रयास करती हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। जबकि जिन्होंने ने किसानों की हत्या की पुलिस उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र को खतरा हो गया है, जो भी हक की आवाज़ उठाएगा उसे जेल भेज दिया जाएगा या मार दिया जाएगा।

उन्होंने ने कहा कि ब्रिटिश काल मे भी इतना जुल्म लोगों पर नहीं हुआ जितना भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों और आम आदमी पर हो रहा है।

कांग्रेसियों का जताया आभार, फिर वापस लौटे

हरीश रावत ने कहा कि उन्हें अपना विरोध दर्ज कराना था जो किया गया और आगे भी किया जाएगा। किसानों और आम आदमी के साथ जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि उन्हें लखीमपुर जाने की इजाज़त प्रशासन देता है तो वो पीड़ित किसानों के परिवार से जरूर मिलेंगे। जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और उत्तराखंड जाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार चुप नहीं बैठेगी। सरकार के इस जुल्म को लेकर जनता जरूर जवाब देंगी।

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