बरेली...पुलिस ने दो वाहन चोरों को किया गिरफ्तार:होंडा कंपनी की बाइक करते थे चोरी, 5 गाड़ियां बरामद

बरेली7 महीने पहले
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पुलिस ने दोनों चोरों के पास से 5 बाइक बरामद की है। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने दोनों चोरों के पास से 5 बाइक बरामद की है।

बरेली कोतवाली पुलिस ने वाहन चोर गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की 5 बाइक बरामद की है। जबकि गैंग के दाे सदस्य पुलिस के हाथ नहीं लगे। पुलिस की माने तो पकड़ा गया वाहन चोर आकाश सुभाषनगर थाने से वाहन चोरी में जेल गया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद फिर उसने अपनी गैंग बनाई और वाहन चोरी शुरू कर दी। अब तक वह 24 से अधिक बाइक चोरी कर बेच चुका है। फिलहाल पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

कम उम्र में बना वाहन चोर

कोतवाली पुलिस ने बताया कि आकाश उर्फ पुष्पेंद्र (21) वीडियो कॉलोनी सुभाष नगर का रहने वाला है। उसने कम उम्र में अपराध करना शुरू कर दिया था। वह वाहन चोरों के साथ काम करता था। वह 4 साल पहले से वाहन चोरी को अंजाम दे रहा है। बालिग होने पर सुभाष नगर पुलिस ने उसे पिछले साल वाहन चोरी में दबोचा था। जिसके बाद वह जेल गया और जमानत पर छूटा। जमानत पर छूटते ही उसने मुहल्ले के जय (20) समेत दो अन्य युवकों के साथ मिलकर अपना गैंग बनाया और वाहन चोरी की अंजाम देने लगा।

कोतवाली पुलिस ने दोनों की चेकिंग के दौरान बिना नंबर की बाइक के साथ भागते हुए पकड़ा था। जब दोनों को कोतवाली लेकर गई तो दोनों पुलिस को झांसा देने लगे कि बाइक पर नंबर नहीं था इसलिए भाग रहे थो लेकिन जब पुलिस ने सुभाष नगर पुलिस से आकाश का वैरिफिकेशन किया तो पता चला कि वह शातिर वाहन चोर है।

पिछले साल वाहन चोरी में जेल गया था। जिसके बाद पुलिस ने जब सख्ती की तो उसने बताया कि बाइक चोरी की है जिसे वह बेचने जा रहा था। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चोरी की 4 अन्य बाइक बरामद की। इस दौरान गैंग के 2 अन्य सदस्याें के नाम भी पता चले। पुलिस ने उनके ठिकाने पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिले।

होंडा कंपनी की बाइक करते थे चोरी

दोनों शातिरों के पास से पुलिस ने 5 बाइक बरामद की। सभी बाइक होंडा कंपनी की है। पुलिस ने पूछताछ करने पर पाया गया कि होंडा कंपनी की बाइक आसानी से बिक जाती थी। इसलिए वह होंडा कंपनी की ही बाइक चोरी करते थे। उसके बाद उसका नंबर प्लेट निकाल कर फर्जी कागज बनाकर बाइक को बेच देते थे। ग्राहक को जब चोरी की बाइक का पता चलता तो वह उसका फोन नहीं उठाते थे। चोरी की बाइक होने के कारण ग्राहक भी पुलिस से शिकायत नहीं कर पाता था।