बरेली...ओम साईं एनक्लेव पर मंडराया खतरा:बिल्डिंग ध्वस्त करने के लिए BDA ने दी नोटिस, पीड़ितों ने SSP से की मुलाकात, बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग

बरेली10 दिन पहले
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12 से अधिक परिवार के लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे और बीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया। - Dainik Bhaskar
12 से अधिक परिवार के लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे और बीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया।

बरेली की ग्रीन बेल्ट में बिल्डर ने आठ साल पहले ओम साईं एनक्लेव नाम से कॉलोनी बसा दी। दर्जनों परिवारों को नक्शा पास होने और बीडीए अप्रूव्ड होने की बात कहकर करोड़ो रूपए में मकान बेच दिए। आठ साल से लोग परिवार के साथ कॉलोनी में रहे हैं, लेकिन अब आठ साल बाद बीडीए को पता चला कि कॉलिनी ग्रीन बेल्ट में बिना अनुमति बनाई गई है। बीडीए ने कॉलनी ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया तो कॉलोनी में रह रहे दर्जनों परिवारों में अफरा तफरी मच गई।

गुरुवार को कॉलोनी के 12 से अधिक परिवार के लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे और बीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही बिल्डर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की अपील की।

आठ साल तक आंख मूंदे रहा बीडीए

लोगो का आरोप है कि डोहरा रोड पर स्थिति ओम सांई एंक्लेव कॉलोनी आठ साल पहले बननी शुरू हुई थी। लेकिन गली-गली घूमने वाली उत्तर प्रदेश का बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को इसकी भनक तक नहीं लगी। कॉलोनी में आठ साल से करीब 40 परिवार मकान बना कर राह रहे हैं। अब अचानक बीडीए को कॉलोनी के अवैध होने की जानकारी हुई। जिसके बाद बीडीए ने अचानक कॉलोनी के मकानों में रहने वाले लोगों को भी ध्वस्तीकरण का नोटिस थमा दिया।

बीडीए ने नोटिस में कहा कि यह सभी निर्माण अनाधिकृत (अवैध) रूप से बने हैं। इसलिए सभी को जमीदोज किया जाएगा। पीड़ित परिवारों ने कॉलोनी का निर्माण करने वाले बिल्डर शिवमंगल सिंह पर धोखधड़ी का आरोप लगाते हुए एसएसपी को शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की अपील की है।

जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर बनाया था आशियाना

डोहरा रोड स्थिति ओम सांई एनक्लेव कॉलोनी में करीब आठ वर्षों से 40 परिवार मकान बनवा के राह रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन भर की जमा पूंजी जमीन खरीदने और मकान बनवाने में लगा दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में ग्रीन पार्क निवासी शिव मंगल सिंह ने उन्हें ओम सांई कॉलोनी में यह कहकर प्लाट बेचा, कि जमीन ग्रीन बेल्ट में नहीं है। कॉलोनी का लेआउट पास कराया हुआ है। जमीन का संबंध सीलिंग से भी नही है और जमीन को आवासीय में भी दर्ज करा दिया गया है। आठ साल तक बीडीए भी चुप बैठे रहा।

अब बीडीए जमीन को ग्रीन बेल्ट में बताकर सभी मकानों को अवैध घोषित कर दिया। ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने जीवन भर की कमाई से अपना आशियाना बनाया है।कॉलोनी के रास्ते को बीडीए से जोड़ कर फंसाया।

कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने कॉलोनी के मुख्य मार्ग को बीडीए के मार्ग से जोड़ कर उन्हें भरोसे में लिया। उस दौरान बीडीए ने भी कुछ नहीं कहा, उसने भरोसे में लेकर सबको आसानी से मकान बेच दिया। अब बीडीए ने उस रास्ते को भी बंद कर दिया।

दर्जनों अन्य को भी बेच रखा है प्लाट

लोगों ने बताया कि कॉलोनी में अभी बड़ी संख्या में प्लाट कटवाएहै। बिल्डर ने सभी दर्जनों लोगों को प्लाट भी बेच रखा है लेकिन अभी उन खरीदारों को इसकी जानकारी नहीं है।क्या कहते है एसएसपीएसएसपी ने सभी पीड़ितों की सुनवाई करते हुए उन्हें न्याय का भरोसा दिया।

इसके बाद उन्होंने ने सीओ तृतीय साद मियां खान को जांच कर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि अगर बिल्डर ने धोखाधड़ी की है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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