क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा का हत्यारा बरेली से गिरफ्तार:पिछले एक वर्ष से फरार चले रहे छज्जू छेमार, को STF, बरेली पुलिस ने बहेड़ी के पंचपेड़ा गांव से किया गिरफ्तार

बरेली10 महीने पहले
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यही है छज्जू छैमार, पिछले एक वर्ष से चल रहा था फरार। - Dainik Bhaskar
यही है छज्जू छैमार, पिछले एक वर्ष से चल रहा था फरार।

वर्ष 2020 में क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार के घर में हत्या और डकैती के मामले में बीते एक वर्ष से वांछित चल रहे बदमाश छज्जू छेमार उर्फ बाबू को एसटीएफ बरेली और पंजाब पुलिस ने बहेड़ी के पंचपेड़ा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। छज्जू से लगातार पूछताछ की जा रही है। उसने पूछताछ में अपने कई गोपनीय राज भी खोले है।

STF की पूछताछ में छज्जू छेमार ने बताया कि वह अपने साथी सावन, मोहब्बत, शाहरूख, नौसे, राशिद, आमिर और 3 महिलाओं के साथ शाहापुर कॉडी में रहकर चादर व फूल बेचते थे। इन लोगों के पास एक टैम्पो था। जिससे यह लोग क्षेत्रों घुमते थे और घटना करने के बाद अपना डेरा उठाकर फरार हो जाते थे। इनके टीम की महिला सदस्यों द्वारा घर की रेकी की जाती थी।

छज्जू ने बताया कि इनके गैंग की महिलाएं ही दिन में ही फूल बेचने के बहाने सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार के घर में घुस गई थी। इसके बाद उन्होंने पूरे घर की जानकारी इकठ्ठा कर ली। बाद में उन्होंने पूरी जानकारी अपने गैंग के सदस्यों को दे दी। इसके बाद अशोक कुमार का घर चिन्हित कर लिया गया। इसके बाद टीम के लोग रात में घुसकर गए और छत पर सो रहे पुरुष, महिलाओं एवं बच्चों को डण्डे से मारकर घायल कर दिया। बाद में घर में रखे जेवर व पैस लूटकर फरार हो गये।

साथियों के पकड़े जाने के बाद छज्जू भाग गया था हैदराबाद
जब मामले में छज्जू के कुछ साथियों को पुलिस ने पकड़ा तो यह वहां से फरार होकर हैदराबाद भाग गया। कुछ दिन वहां रहने के बाद वह अपने गांव आकर रहने लगा। मगर अब जब इसकी सूचना एसटीएफ और पुलिस को लगी तो छज्जू को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।

क्या था पूरा मामला
बताते चलें कि क्रिकेटर सुरैश रैना के फूफा अशोक कुमार पठानकोट (पंजाब) में रहकर ठेकेदारी का काम करते थे। उन्होंने अपना मकान आबादी से छोड़ी दूर ग्राम थरियाल में बनाया था। मकान गांव से बाहर होने के कारण डकैतो को उसकी रैकी करने और घटना को अंजाम देने में काफी आसानी हो गयी। पिछले वर्ष 19 और 20 अगस्त की रात को डकैतों ने छत पर चढ़कर सो रहे व्यक्तियों को घायल कर दिया गया था जिसमें अशोक कुमार की मौत हो गई थी। साथ ही उनकी मां सत्या देवी, उनकी पत्नी आशा देवी, और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इन धाराओ में दर्ज हुआ था मुकदमा
इस पूरे घटना का मामला थाना शाहपुर कॉडी में धारा 458, 459, 460, 302, 307, 148, 149 में मुकदमा भी पंजीकृत किया गया था। मगर तब से छज्जू फरार चल रहा था।