बरेली मंडल का लिंगानुपात देश व प्रदेश से बेहतर:महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक ने गिनाई विभाग की उपलब्धियां

बरेलीएक महीने पहले
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महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक ने गिनाई विभाग की उपलब्धियां। - Dainik Bhaskar
महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक ने गिनाई विभाग की उपलब्धियां।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 5 (एनएफएचएस 5) के आंकड़ों के मुताबिक बरेली मंडल राष्ट्रीय और प्रदेश के लिंगानुपात से बेहतर है। यह बात महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक नीता अहिरवार ने शुक्रवार को सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) संस्था के सहयोग से एक निजी होटल में आयोजित जागरूक मीडिया कार्यशाला में कहीं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथिलेश अग्रवाल ने मिशन शक्ति कैलेंडर का विमोचन भी किया।

लड़कियों का लिंगानुपात बढ़ा

महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक नीता अहिरवार ने बताया कि एनएफएचएस 5 के आंकड़ों के मुताबिक बरेली और शाहजहांपुर में जन्म लेने वाले प्रति 1000 लड़कों पर लड़कियों का लिंगानुपात बढ़ा है। एनएफएचएस 4 के अनुसार 1000 लड़कों पर 1071 लड़कियां थी। एनएफएचएस 5 के अनुसार 1000 लड़कों पर 1084 लड़कियों का लिंगानुपात है। वही शाहजहांपुर में एनएफएचएस 4 में 981 और एनएफएचएस 5 के अनुसार 1064 लड़कियां हैं।

बरेली एवं शाहजहांपुर में लिंगानुपात के अनुसार लड़कियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पीएम केयर योजना के अंतर्गत कोविड से जिन बच्चो के माता पिता दोनों की मृत्यु हो गई है उन्हें 10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता, शिक्षा के लिए केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, राशन आदि सुविधा माह मई में देने की योजना है।

बाल सेवा योजना के अंतर्गता मंडल में 446 बच्चे लाभान्वित

उपनिदेशक ने बताया मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत कोविड के दौरान अपने एक या दोनों अभिभावक खो देने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना चलाई जा रही है, जिसमें उन्हें 4000 रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जाती है। मण्डल में ऐसे 446 बच्चों को अब तक लाभान्वित किया गया है। बरेली के 218, बदायूं के 63, पीलीभीत के 57 और शाहजहांपुर के 108 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत 606 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई है। जिसमें बरेली के 442, बदायूं के 40, पीलीभीत के 27 शाहजहांपुर के 97 बच्चे शामिल है। उन्होंने मिशन शक्ति के मंच से संदेश दिया कि समाज के सभी लोगों को अपनी सोच में बदलाव लाने की जरूरत है ताकि महिलाओं की स्थिति में सुधार आए। सोच में बदलाव से ही लिंगानुपात में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

सुमंगला योजना में 48,647 पात्र बालिकाएं लाभान्वित

उन्होंने बताया मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में लगभग 48,647 पात्र बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है, जिसके अंतर्गत 8.48 करोड़ की धनराशि दी गई। जिसमें बरेली की 14609, बदायूं की 102441, पीलीभीत की 9405 एवं शाहजहांपुर की 14392 बालिकाएं शामिल हैं। बरेली मंडल में निराश्रित महिला पेंशन योजना में करीब 2.25 लाख विधवाओं को लाभान्वित किया गया। बरेली मंडल के कुल 43 पात्र बच्चों को लैपटॉप प्रदान किया जा चुका है। जल्द ही बरेली के 23 बच्चों को लैपटॉप दिया जाएगा।

इस दौरान लखनऊ से आए महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य सलाहकार श्री नीरज मिश्रा ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है, जिससे लोग उनका लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि बाल विवाहों को रोकने हेतु मंडल के प्रयासों का नतीजा है कि प्रदेश के कुल रोके गए 1120 बाल विवाहों में 154 संभावित बाल विवाह रोकने के साथ बरेली मंडल प्रदेश में अग्रणी भूमिका में है व इसके अलावा मेगा इवेंट हक की बात जिलाधिकारी के साथ, प्रधान सम्मेलन तथा अनंता के आयोजन के साथ इस मुहिम को और आगे बढ़ाया जाएगा।