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ये हैं पिता को प्रताड़ित करने वाले बेटे...VIDEO:बरेली में 15 दिनों तक बाप को नहीं दिया खाना, छाती पर चढ़कर कर रहे पिटाई; चीखने की आवाज आई तो पड़ोसियों ने बचाया

बरेली2 महीने पहले
बुजुर्ग के बेटे ने कहा कि उसके पिता मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराने के लिए ले जा रहे थे।

बरेली में एक बुजुर्ग को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। कहा जा रहा है कि बुजुर्ग को उसके बेटों ने ही पीट-पीटकर घर से निकाल दिया। उसको एक कमरे में बंद करके नशे के इंजेक्शन भी लगाए जाते थे। सोमवार रात को बुजुर्ग को इतना मारा गया कि वह बेहोश हो गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, पुलिस की पूछताछ में उनके बेटे ने बताया कि उनके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। वह उन्हें मानसिक अस्पताल में भर्ती कराना चाहते हैं, लेकिन वह जाने को तैयार नहीं। उन्हें जबरदस्ती ले जा रहे थे, इसलिए उनके हाथ पैर भी बांधे गए थे।

देर रात घर से आवाज आई, मुझे बचा लो
दरअसल, बारादरी के सूफी टोला के रहने वाले अख्लाक अहमद बीते कई साल से लोहार का काम करते है। बताया जा रहा है कि सोमवार रात उनके बेटे और बहू ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पड़ोसियों के मुताबिक मोहल्ले के एक दो मंजिला घर से आवाज आई कि मुझे बचा लो, नहीं तो ये लोग मुझे मार डालेंगे। बुजुर्ग की आवाज सुनकर मोहल्ले वाले घर की तरफ भागे। जब घर को खोलना चाहा तो दरवाजा अंदर से बंद था। इस बीच मोहल्ले के कुछ लोग सीढ़ी लगाकर घर में पहुंचे तो हैरान रह गए। लोगों ने बताया कि अख्लाक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और एक युवक इनके ऊपर बैठकर उनकी पिटाई कर रहा था। जिसके बाद किसी तरह लोगों ने बुजुर्ग को बचाया।

चीखने चिल्लाने की आवजें आई तो मोहल्ले वालों ने बचाई अख्लाख की जान।
चीखने चिल्लाने की आवजें आई तो मोहल्ले वालों ने बचाई अख्लाख की जान।

पीटने के बाद परिजनों ने घर से निकाल दिया बाहर
परिजनों ने बुजुर्ग को पीटने के बाद रात में ही घर से निकाल दिया। जिसकी वजह से घायल अख्लाक काफी देर तक बदहवासी की हालत में सड़क पर ही बैठे रहे। मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस की पूछताछ में परिवार वालों ने बुर्जुग के मानसिक रोगी होने की बात कही है। इतना ही नहीं पुलिस के मुताबिक बुर्जुग की पत्नी ने भी कहा है कि वह मानसिक रोगी हैं।

मानसिक चिकित्सालय में कराना चाहते थे भर्ती
पुलिस के मुताबिक जब उन्होनें बुजुर्ग के परिजनों से पूछताछ की तो उनके बेटे सरफराज ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराने के लिए ले जा रहे थे। मगर वह जाने को तैयार नहीं थे। इसी वजह से उनके हाथ पैर बांधे गए थे। जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा सके। पुलिस ने बताया कि परिवार वाले पहले भी थाने में अस्पताल में भर्ती कराने के लिए तहरीर दे चुके हैं। एक-दो बार मदद के लिए 112 को भी फोन किया गया है।

मोहल्ले वाले ही देते थे बुजुर्ग को खाना
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 15 दिनों से परिजनों ने उनका खाना-पीना भी बंद कर दिया था। जिसके चलते मोहल्ले के लोग ही उन्हें खाना मुहैया करा रहे थे। मगर इस पर भी परिजनों ने आरोप लगा दिया। परिजनों का कहना है कि मोहल्ले के लोग इसलिए खाना पहुंचाते है, ताकि बुजुर्ग को बहला फुसलाकर उनसे उनकी सम्पत्ति हड़प लें। कुल मिलाकर देखा जाए तो सम्पत्ति का भी विवाद सामने आया है। हालंकि पुलिस ने अभी तक इस बारे में कुछ भी नहीं कहा है।

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