कोविड में अस्पतालों का खेल:आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी बना दिया मनमर्जी का बिल, शिकायतें हुई तो भ्रष्टाचार की परतें खुलना हुई शुरू

बरेली5 महीने पहले
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अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिकायत निवारण समिति की हुई बैठक। - Dainik Bhaskar
अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिकायत निवारण समिति की हुई बैठक।

कोरोना काल में निजी अस्पतालों पर तमाम आरोप लग चुके है। शासन से लेकर प्रशासन तक तमाम शिकायतें की गई। इसके बाद भी कई अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। मगर गुरुवार को अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित हुई। जिसमें अस्पतालों का सब किया धरा सामने आ गया। जिसके बाद कुछ अस्पतालों पर कार्रवाई हुई और कुछ के खिलाफ नोटिस जारी किया गया।

बिना जांच के ही मरीज को कर लिया भर्ती, बना दिया लंबा चौड़ा बिल
आरोप है कि शहर के नारायण अस्पताल ने पेड कोविड अस्पताल होने के बाद भी बगैर जांच के मरीज भर्ती किए गए। लिहाजा, मृतक को कोरोना संक्रमित दर्ज कराने के लिए परिजन भटक रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीते दिनों नारायण अस्पताल में सांस फूलने से हालत बिगड़ने पर एक मरीज भर्ती हुआ था। परिजन का आरोप है कि इलाज सही ना होने से मरीज की मौत हो गई। मगर अस्पताल ने लंबा चौड़ा बिल बनाकर दे दिया। मगर अस्पताल के बिल या मृतक प्रमाण पत्र में कहीं भी संक्रमित दर्ज नहीं था। जिसके बाद परिवार ने अस्पताल की शिकायत कर दी। हालांकि बैठक में जांच रिपोर्ट ना होने से अस्पताल को क्लीन चिट दे दी। मगर परिजनों ने दोबारा शिकायत करने की बात कही है।

आरोप सवा दो लाख की हुई वसूली, मेडिकल बोर्ड करेगा जांच
इसी तरह आस्था अस्पताल पर आरोप है कि अस्पताल ने पीड़ित का कार्ड होने के बाद भी सवा दो लाख रूपये का बिल बना दिया। जबकि बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड में वल्दियत गलत होने से कार्ड अप्रूव नहीं हो सका था। मामले में बिल प्रपत्र की जांच की गई तो उसमें 22 हजार रुपये के बिल लगे मिले। आरोपी ने अस्पताल पर खेल का आरोप लगाया है। फिलहाल मेडिकल बोर्ड मामले की जांच करेगा।

आयुष्मान कार्ड के नाम पर नहीं चलेगा खेल
इस मामले में आयुष्मान योजना के जिला नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि आयुष्मान कार्ड के नाम पर खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि कार्ड नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी के साथ यदि अन्य कोई भी लोग ऐसे है जिनके साथ आयुष्मान कार्ड के बाद भी वसूली की गई तो वह साक्ष्य के साथ शिकायत कर सकते है। मामले में कार्रवाई की जाएगी।

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