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संभागीय परिवहन विभाग ने दलाली का नया रूप:पार्किंग के नाम पर अब होती है जबरदस्ती वसूली, पूछने पर दलाल कहते है कि सड़क किनारे जमीन खरीद ली है

11 दिन पहले
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पार्किंग के रुपये मांगने वाला दलाल यही है, यह खुद का नाम इस्लाम बता रहा है। - Dainik Bhaskar
पार्किंग के रुपये मांगने वाला दलाल यही है, यह खुद का नाम इस्लाम बता रहा है।

उत्तर प्रदेश के बरेली संभागीय परिवहन विभाग में भले ही नए अधिकारियों का आना क्यों न हुआ हो। मगर दलाली है कि रुकने का नाम नहीं ले रही। अभी संभागीय परिवहन विभाग के नाम की पार्किंग पर्ची बनाकर वसूली का मामला ठंडा नहीं हुआ कि तब तक जबरदस्ती पार्किंग शुल्क वसूली का मामला सामने आ गया। इसका खुलासा तब हुआ जब दैनिक भास्कर ने इसका स्टिंग ऑपरेशन किया। जिसमें दलाल साफ जबरदस्ती रुपये मांगते हुए दिखाई दे रहा है। उसका कहना है कि उसने यह जगह उसने खरीद ली है और यहां खड़ी होने वाली सभी गाड़ियों से वह पार्किंग शुल्क लेता है।

सड़क किनारे वाहन खड़ा करने का लिया जाता है 20 रुपये
दरअसल, बीते कई दिनों से पार्किंग शुल्क के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही थी। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल करने के लिए जब गुरुवार को संभागीय परिवहन विभाग के सामने सड़क किनारे वाहन खड़ा करने के बाद हटाया तो वहां पर दलाल आ गया। कहा कि पार्किंग के 20 रुपये दो। जब दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने पूछा कि 20 रुपये किस बात के गाड़ी तो सड़क किनारे खड़ी थी। इस पर दलाल का कहना था कि उसने वो जगह खरीद ली है। इसलिए वहां पर वाहन खड़ा करने का वो रुपये लेता है।

यहां पर सभी पैसे देकर जाते है
जब दलाल पैसे लेने के लिए अड़ गया तो रिपोर्टर ने पूछा कि यह पार्किंग किसके नाम से है, कोई रसीद या कुछ और, तो दलाल ने कहा कि यहां पर खड़ी होने वाली सभी गाड़ियों से पैसे लिए जाते है। कोई रसीद या कुछ और नहीं है। दलाल ने फिर से कहा कि सड़क किनारे खाली पड़ी जगह उसने खरीद ली है। इसलिए वह पार्किंग का चार्ज ले रहा है। जबकि वाहन सड़क के किनारे जगह में खड़ा हुआ था।

पिछले दिनों पर्ची देकर करते थे वसूली
बीते करीब हफ्ते भर पहले संभागीय परिवहन विभाग के सामने दलालों ने आरटीओ पार्किंग के नाम से एक पर्ची बनाकर वसूली शुरू की थी। जब उस पर्ची पर बवाल कटा तो अधिकारियों ने दलालों को खदेड़ना शुरू कर दिया। कुछ दिनों तक मामला शांत रहा मगर अब जैसे ही पुराने अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ तो फिर दलाली शुरू हो चुकी है।

क्या कहते है अधिकारी
जब इस बारे में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) से बात की तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें केवल आए दो हुए दिन हुए है। यहां पर किसी भी तरह की दलाली अब स्वीकार नहीं की जाएगी। दलालों का पता चलते ही सभी को फिर से खदेड़ा जाएगा।

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