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मुरादाबाद में व्यापारी की हत्या का खुलासा:दोस्त ने किया था अपहरण, फिर कर दिया कत्ल, शक न हो इसलिए एंबुलेंस का किया इस्तेमाल

मुरादाबाद3 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तीन दिन पहले अपहरण के बाद व्यापारी की हत्या की स्क्रिप्ट खुद उसके दोस्त ने ही लिखी थी। व्यापारी के मेडिकल फ्रेंचाइजी संचालक दोस्त ने पहले विश्वास में लेकर व्यापारी को अगवा किया फिर एंबुलेंस में डालकर उसे बिजनौर ले गया। इसके बाद फिरौती के चार लाख रुपए वसूलने के बाद सड़क पर दौड़ती एंबुलेंस में ही हत्या कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। तीसरा आरोपी एंबुलेंस मालिक अभी फरार है।

चार जून से लापता था हार्डवेयर व्यापारी
मुरादाबाद से सटे पाकबड़ा कस्बे में शनिवार का बाजार निवासी कुलदीप गुप्ता पाकबड़ा में हार्डवेयर की दुकान करते थे। वह इन दिनों परिवार के साथ मुरादाबाद में ही मिलन विहार कालोनी में रहने लगे थे। चार जून को उनके भाई संजीव गुप्ता ने पाकबड़ा पुलिस को सूचना दी थी कि उनका छोटा भाई कुलदीप चार जून को सुबह दस बजे किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ गए थे दोपहर पौने तीन बजे से फोन बंद है। पुलिस ने पहले गुमशुदगी लिखी फिर अपहरण में तरमीम किया।

बिजनौर के स्योहारा में मिला था शव
पांच जून को कुलदीप का शव बिजनौर के स्योहारा में सड़क किनारे पड़ा मिला। इसके बाद इसे हत्या में तरमीम किया गया और खुलासे को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पांच टीमें गठित कीं। एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने खुलासे पर एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। पुलिस ने व्यापारी के परिजनों से वसूली गई चार लाख की फिरौती में से तीन लाख रुपये अभियुक्तों से बरामद किए हैं।

अस्पताल में भर्ती दोस्त को देखने के बहाने ले गया था
डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि बिजनौर के नगीना व अन्य स्थानों पर मिली सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से पुलिस हत्यारों तक पहुंची है। गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त नंद किशोर उर्फ नंदू पुत्र चंद्रपाल निवासी चाऊ की बस्ती ने बताया कि वह अस्पताल में भर्ती एक दोस्त को देखने के बहाने कुलदीप गुप्ता को अपने साथ बाइक से ले गया था। इसके बाद कांठ रोड पर डेंटल कालेज के सामने उसे अपनी बुआ का बेटा रनवीर उर्फ नन्हें पुत्र सूरज सिंह निवासी काजीपुरा खड़ा मिला। उसकी एंबुलेंस में बैठाकर दोनों उसे बिजनौर की तरफ ले गए और फिरौती की रकम वसूलने के बाद एंबुलेंस में रखे टूल्स से सिर पर वार कर दौड़ती एंबुलेंस में ही उसकी हत्या कर दी।

फिरौती वसूलने में किया बुआ के बेटे का इस्तेमाल
नंदकिशोर ने फिरौती की रकम वसूलने के लिए व्यापारी से उसी के फोन से पत्नी को कॉल कराई। कहलवाया कि एक आदमी को भेज रहा हूं नौकर के हाथ उसे चार लाख रुपये दे देना। नौकर से रकम लेने के लिए उसने अपनी बुआ के बेटे कर्मवीर उर्फ भोलू निवासी काजीपुरा सिविल लाइंस को भेजा। इस काम की एवज में भोलू को नंदकिशोर ने 50 हजार रुपये दिए। जो पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।

तीन साल पहले शादी समारोह में हुई थी दोस्ती
डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि करीब तीन साल पहले मुख्य अभियुक्त नंद किशोर नंदू से व्यापारी की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी। मेडिकल एजेंसी की फ्रेंचाईजी चलाने वाले नंदकिशोर ने दवाएं खरीदने के लिए दो माह पहले व्यापारी से 65000 रुपये मांगे थे। लेकिन कुलदीप ने रकम नहीं दी। बल्कि कई लोगों से कह दिया कि नंदू की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। समाज में अपनी फजीहत होने की वजह से नंदू ने व्यापारी कुलदीप से बदला लेने की ठान ली।

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