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ट्रेन पर पथराव:इज्जतनगर मंडल के लोको पायलट पर सोनई स्टेशन पर पथराव, बहते खून के साथ राया तक लेकर गया ट्रेन, वहां जाकर हो गया बेहोश

बरेली3 महीने पहले
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घायल लोको पायलट, रामराज मीना - Dainik Bhaskar
घायल लोको पायलट, रामराज मीना

पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में एक मालगाड़ी पर पथराव हो गया। यह पथराव कासगंज से मथुरा के बीच सोनई स्टेशन पर हुआ था। जिसमें लोको पायलट रामराज मीना गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह हमला किसने किया इस बात का अभी तक कुछ पता नहीं लग सका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पथराव किया था। घायल होने के बाद भी रामराज ट्रेन को राया तक लेकर गए। जब दर्द सहन से बाहर हुआ तो वह बेहोश हो गया। कंट्रोल रूम की सूचना पर तत्काल राया स्टेशन से क्रू (दूसरा लोकोपायलट) बदला गया। तब मालगाड़ी को मथुरा के लिए रवाना किया गया। उधर लोको पायलट रामराज को एक मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मालगाड़ी कासगंज से मथुरा लेकर जा रहा था लोको पायलट

लोकोपायलट रामराज मीना ने बताया कि वह मालगाड़ी को कासगंज से मथुरा के लिए लेकर जा रहे थे। सोनई स्टेशन पर सिग्नल नहीं होने की वजह से वह तीन नंबर लाइन में खड़े थे। क्योंकि दूसरी ट्रेन को वहां से क्रास होना था। ट्रेन के क्रास होने के बाद अचानक से उनके सिर पर एक बड़ा सा पत्थर आकर लगा। एक साथ उनके दो पत्थर लगे, पहला सिर में और दूसरा चेहरे पर। सिर की चोट इतनी गहरी है कि उसमें चार टांके आए है। और चेहरे पर तीन टांके आए है।

फटे सिर में गमछा बांधकर चलाता रहा ट्रेन

रामराज ने बताया कि इसी बीच सिग्नल हो गया, तो उन्होंने अपने गले में पड़ा गमछा उठाया और सिर से बांध लिया। सोचा कि इतनी बड़ी चोट नहीं होगी। मगर अगले ही स्टेशन तक पहुंचते-पहुंचते रामराज को चक्कर आने लगे। वह अब इससे आगे ट्रेन ले जाने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने तत्काल कंट्रोल को सूचना दी कहा कि उनके सिर में पत्थर लगा है। वह अब आगे ट्रेन ले जाने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद तुरंत उन्हें वहां उतारा गया और इलाज के लिए सिटी अस्पताल में भेजा गया।

अस्पताल ने कासगंज रेलवे अस्पताल में कर दिया रेफर

रामराज ने बताया कि पहले उन्हें मथुरा के सिटी अस्पताल में इलाज दिया गया। सिर और चेहरे पर सात टांके लगाए गए। मगर कुछ देर बाद वहां से कासगंज के रेलवे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। रेलवे अस्पताल में देखभाल के बाद यह कहकर घर भेज दिया गया कि अभी उन्हें आराम की जरूरत है। इसलिए वह घर जाकर आराम करें, अगले दिन आकर अस्पताल में दिखाएं

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