10 सालों से फरार मोस्ट वांटेड गिरफ्तार:सिरौली थाने का टॉप-10 बदमाश गुलाम दिल्ली में नाम बदलकर लगाता था ठेला

बरेली6 महीने पहले
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सिरौली थाने का टॉप-10 बदमाश गुलाम दिल्ली में नाम बदलकर गुलफाम बनकर लगाता था ठेला। - Dainik Bhaskar
सिरौली थाने का टॉप-10 बदमाश गुलाम दिल्ली में नाम बदलकर गुलफाम बनकर लगाता था ठेला।

बरेली जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए अफसरों द्वारा अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजे जाने वाले अभियान के दौरान सिरौली पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने 10 साल से फरार चल रहे बरेली के मोस्ट वांटेड अपराधी को धर दबोचा। पकड़ा गया बदमाश सिरौली थाने के टॉप-10 बदमाशों में से पहले स्थान पर था।

पुलिस ने उसके पास से तमंचा बरामद किया है। उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पिछले 10 साल से सिरौली पुलिस शातिर बदमाश को तलाश रही थी लेकिन वह पुलिस को चकमा दूसरे राज्य में नाम बदलकर काम कर रहा था।

नाम गुलाम बनकर रहता था गुलफाम

सिरौली थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि गुलाम मोहम्मद पुत्र ऐवज काजी निवासी मुहल्ला नई बस्ती फरजन्दनगर कस्बा व थाना सिरौली बेहद शातिर अपराधी है। वह इतना फुर्तीला है कि किसी भी वारदात को अंजाम देने के दौरान उसे कोई पकड़ नहीं पाता था। इतना ही नहीं वह 10 सालों को पुलिस को चकमा देकर दूसरे नाम से दिल्ली में काम कर रहा था। वह अक्सर अपनी लोकेशन के साथ ही मोबाइल नंबर बदलता रहता था।

कई बार पुलिस के हाथ उसका मोबाइल नंबर लगा और पुलिस जब भी उसके ठिकाने पर उसे पकड़ने के लिए जाती तो वह वहां से गायब मिलता था। वह जहां भी रहता था अपना नाम गुलाम मोहम्मद की जगह गुलफाम बताता था। बुधवार को वह बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र में अपने एक पुराने साथी से मिलने के लिए आया था। इसी दौरान मुखबिर ने उन्हें सूचना दी तो वह मातहतों के साथ अंजनी तिराहे पर सादे कपड़ों में घेराबंदी कर ली। कुछ देर बाद गुलाम वहां पहुंचा तो पुलिस उसे पहचान नहीं सकी।

जिसके बाद मुखबिर ने पुलिस को इशारा किया कि यही गुलाल है। जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया तो पुलिस को झांसा देने के लिए उसने अपना नाम गुलफाम निवासी दिल्ली बताया लेकिन मुखबिर ने कहा कि यही गुलाम है जो झांसा देते हुए नाम बदलकर गुलफाम बनकर चकमा दे रहा है। तलाशी के दौरान उसकी कमर में तमंचा खोसा मिला। पुलिस ने जब उसके साथ सख्ती की तो उसने खुद को शातिर अपराधी गुलाम बताया।

बरेली से लेकर दिल्ली तक में मुकदमे

सिरौली थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि 2011 में उसके गुलाम के खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज हुआ। उसके बाद जिले में उसके खिलाफ जानलेवा हमले साहित कई मुकदमे दर्ज हुए। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए सख्ती की तो वह दिल्ली भाग गया।

इसी दौरान दिल्ली करोलबाग पुलिस ने भी उसे असलहे के साथ दबोचा और मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद गुलाम ने अपना नाम पता बदला और दिल्ली में ही ठिकाने बदलकर फलों का ठेला लगाता था। फिलहाल पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।