"उर्स-ए-रिजवी में न शामिल हो महिलाएं":दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने उर्स में शामिल होने वाले जायरीन से की अपील

बरेली2 महीने पहले
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दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने की जायरीन से की अपील। उर्स ए रिजवी में न शामिल हो महिलाएं। घर में ही रह कर करें इबादत। - Dainik Bhaskar
दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने की जायरीन से की अपील। उर्स ए रिजवी में न शामिल हो महिलाएं। घर में ही रह कर करें इबादत।

बरेली में उर्स-ए-रिजवी को लेकर उर्स है। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने महिलाओं से अपील की है। उन्होंने कहा, "अकीदतमंद अपने साथ महिलाओं को साथ में न लाएं। दरगाह पर उलेमा और अकीदतमंद की भारी भीड़ के बीच महिलाओं के लिए इंतजाम नहीं हो पाते हैं।"

"दरगाह से होगा ऑनलाइन टेलीकास्ट"
दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने कहा, "घर से ही इसाले सवाब, फातिहा और दुआ करें। महिलाएं और जो लोग नहीं आ सकते हैं, उनके लिए दरगाह की ओर से लाइव ऑनलाइन ऑडिया टेलीकास्ट की व्यवस्था दरगाह की वेबसाइट पर की गई है।"

विदेशी जायरीन को भी भेजा गया है मैसेज
उर्स ए रिजवी में जहां देश भर से तो जायरीन आएंगे ही, उसके साथ बड़ी संख्या में विदेशों से भी जायरीन शामिल होने आते हैं। जिसके तहत बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, सऊदी अरब, मॉरीशस, तुर्की, साउथ अफ्रिका, अमेरिका, इंग्लैंड, यूके, जर्मनी, मिश्र, दुबई, हॉलेंड आदि देशों अकीदत मंद शिरकत करने बरेली पहुंचेंगे।

विदेशी जायरीन को भी यह मैसेज भेज दिया गया है कि वह महिलाओं को साथ लेकर न आएं। वहीं इस बार उर्स ए रिजवी में करीब 10 जायरीन की भीड़ आने की संभावना है कि जिसके लिए जहां एक ओर शासन प्रशासन हर संभव तैयारी में जुटा है वहीं दरगाह से जुड़े लोग भी तैयारियां करने में जोर शोर से जुटे हैं।