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बंदरों के आतंक से बचाएगा लंगूर:नगर निगम बंदरों को भगाने के लिए लंगूर पालने की तैयारी में, जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

बरेली2 महीने पहले
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शहर में बंदरों के आतंक से परेशान लोगों को राहत देने के लिए नगर निगन में एक नया तरीका निकाला है। बंदरों को पकड़ने की जगह उन्हें खुद से भागने के लिए मजबूर किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम अब लंगूरों को पालेगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी है। जिससे लंगूरों के डर से बंदरों को भगाया जा सके। इसके लिए टेंडर भी किया जाएगा।

नगर निगम बिना वन विभाग की अनुमति के नहीं पकड़ सकता बंदर

दरअसल, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के सख्त होने के कारण नगर निगम सीधे तौर पर बंदरों को नहीं पकड़ सकता है। इसके साथ ही भाजपा सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपुल्स फार एनीमल (पीएफए) वन्य जीवों पर खासी नजर बनाए है। नगर निगम को शहर से बंदर पकड़कर उन्हें जंगल में छोड़ने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी होती है। बीते लंबे समय से निगम को वन विभाग से अनुमति नहीं मिल पाई है।

दो साल पहले मिली अनुमति, तो टीम को मारकर भगाया था

पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि शहर में बंदर पकड़ने के लिए दो सालों से अनुमति नहीं मिली है। दो साल पहले वन विभाग से करीब एक हजार बंदर पकड़ने की अनुमति मिली थी। मगर किसी भी संस्था ने इसके लिए टेंडर नहीं डाला था। मगर अब बंदरों का आतंक और ज्यादा बड़ गया है। वह लोगों को जख्मी कर रहे है। कई बार शिकायतें मिलती है मगर हाथ बंधे होने की वजह से कुछ कर नहीं पाते। इसलिए अब लंगूरों को पालने की योजना बनाई जा रही है। जिससे बंदर खुद ही भाग जाएं।

कैसे भगाएंगे बंदरों को

नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि लंगूर पालने के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। इसके लिए शहर के ऐसे स्थानों को पहले चुना जाएगा जहां पर बंदरों का आतंक सबसे ज्यादा है। वहां पर बंदरों को भगाने के लिए लंगूर को एक लंबी रस्सी से बांध दिया जाएगा। जो बंदरों पर दूर तक हमला कर सके। लंगूर के डर से बंदर इलाका छोड़कर भाग जाएंगे। इसके बाद लंगूर को दूसरी जगहों पर बांधा जाएगा। इस तरह शहर से बंदरों को खत्म किया जाएगा।

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