नगर निगम के वार्ड को गोद लेंगे अफसर:17 बिंदुओं पर नजर रख वार्ड में होने वाली समस्याओं को दूर करेंगे यह अधिकारी

बरेली3 महीने पहले
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निगम के वार्ड को गोद लेंगे अब अफसर। 17 बिंदुओं पर नजर रख वार्ड में होने वाली समस्याओं को दूर करेंगे गोद लेने वाले अधिकारी। - Dainik Bhaskar
निगम के वार्ड को गोद लेंगे अब अफसर। 17 बिंदुओं पर नजर रख वार्ड में होने वाली समस्याओं को दूर करेंगे गोद लेने वाले अधिकारी।

बरेली में अभी तक तो नगर निगम के वार्ड पार्षद के नाम से जाने जाते थे, लेकिन अब यह वार्ड अधिकारियों के नाम से भी जाने जाएंगे। नगर निगम ने अब जनता की समस्या को समय पर हल करने और सभी दिक्कतों को दूर करने के साथ वार्ड के विकास के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। जिसके तहत अधिकारी अब एक-एक वार्ड को गोद लेंगे।

वार्ड की समस्याओं का निरीक्षण कर करेंगे दूर

वार्ड को गोद लने वाले यह अधिकारी अपने-अपने वार्ड में निरीक्षण करेंगे और वहां होने वाली परेशानियों को दूर करने का हल निकालेंगे। जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बीते दिनों जनसुनवाई पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायत गली मोहल्ले में गंदगी से संबंधित आई थी। जिसमें डोर टू डोर कूड़ा उठाने वालों की भी शिकायत की थी। वहीं नालियों पर कब्जे तो गली मोहल्लों में पड़े अधूरे निर्माण। इस तरह की कई परेशानियों को दूर करने की जिम्मेदारी अब वार्ड को गोद लेने वाले अधिकारियों की होगी।

सुबह 6 बजे वार्ड के निरीक्षण करेंगे अधिकारी

वार्ड को गोद लेने वाले यह अधिकारी सुबह 6 बजे से अपने-अपने वार्ड में जाएंगे और समस्या का समाधान भी करेंगे। सुबह 6 बजे के बाद यही अधिकारी नगर निगम भी पहुंचेंगे और करीब 11 बजे वह न गर आयुक्त को वार्ड की स्थिति के साथ शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट भी बनाकर देंगे। वार्ड को गोद लेने वाले अधिकारियों को यह कार्य रोजाना ही करना होगा।

बता दें कि बीते कई महीनों से नगर निगम की सबसे अधिक शिकायतें जनसुनवाई पोर्टल पर ही आती हैं। जिम्मेदार अधिकारी शिकायत का समाधान हवा हवाई कर निस्तारित बता दिया जाता है। जिससे शिकायत करने वाले भी परेशान होते हैँ और दफ्तर के चक्कर काटते हैं या फिर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करते हैं।

मनमानी पर लगेगी लगाम

बरेली के ज्यादातर वार्ड में लाेग ठीक साफ-सफाई नहीं होने और नालियों के साफ न होने और जगह-जगह सीवर से पानी बहने की समस्या से परेशान है। लोग शिकायत करते हैं तो जिम्मेदार कर्मचारी समस्या का समाधान हो गया है कि रिपोर्ट देते हैँ, जबकि समस्या जस की तस बनी रहती है।

इसी के साथ ही जगह जगह रोजाना झाडू नहीं लगने और कूड़ा नहीं उठाने की जगह जलाने की शिकायत होती है। कई वार्ड में तो सफाई कर्मचारी कभी-कभी सफाई करने आते है। अब नगर निगम के इस फार्मूले से इस निगम के कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही पर लगाम लग सकेगी।

इन मुख्य बिंदुओं पर रहेगी नजर

- क्षेत्र में कूड़ेदान की व्यवस्था है कि नहीं है।

- गली व मुहल्लों में साफ सफाई व्यवस्था ठीक है कि नहीं।

- वार्ड में खाली पड़े प्लाटों में कहीं कूड़ा तो नहीं डंप किया जा रहा है।

- वार्ड में कितने कूड़ेदान हैँ कम हैं ताे कितने की और आवश्यकता है।

- कूड़ा सड़क के किनारे तो नहीं फेंका जाता है जिससे सड़क गंदी हो।

- डोर टू डोर कूड़ा उठाने की स्थित क्या है, कूड़ा उठाने वाले समय पर आते हैं कि नहीं।

- क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट जलती हैं कि नहीं, कम हैं तो कितनी स्ट्रीट लाइट की और जरुरत है।

- वार्ड में कहीं पर सीवर या पानी की पाइप लाइन लीक या टूटी तो नहीं है।

- इसी के साथ तैनात सफाई कर्मचारी, सफाई नायक के रजिस्टर का समय पर सत्यापन करना।

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