योगीराज 2.0- बरेली में कानून-व्यवस्था बनाने में जुटी पुलिस:अपराधियों का भौतिक सत्यापन किया गया शुरू, सक्रिय बदमाशों को फिर पहुंचाएंगे सलाखों के पीछे

बरेली6 महीने पहले
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सक्रिय हुए अपराधियों को फिर से सलाखों के पीछे भेजने की कवायद शुरू हो गई है। - Dainik Bhaskar
सक्रिय हुए अपराधियों को फिर से सलाखों के पीछे भेजने की कवायद शुरू हो गई है।

प्रदेश में एक बार फिर योगी सरकार बनाने के बाद बरेली में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों पर लगाम लगाने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है। SSP रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई थी। अपराधियों के खिलाफ नए सिरे से शिकंजा कसने की तैयारी शुरू करते हुए जिले के अपराधियों का भौतिक सत्यापन पुलिस ने शुरू कर दिया।

सर्किल अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्र के सभी अपराधियों का भौतिक सत्यापन कर उन पर शिकंजा कस रहे हैं। पुलिस अफसरों ने भी चुनाव के दौरान सक्रिय हुए इन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने की कवायद शुरू कर दी है। फिलहाल प्रदेश में एक बार फिर योगीराज होने के बाद माफियाओं और अपराधियों को पांच साल किसी बुरे सपने से कम नहीं है।

जिले के सर्किल अफसरों को जिम्मेदारी

अपराधियों के भौतिक सत्यापन के साथ ही उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जिम्मेदारी सर्किल अफसरों को दी गई है, जिस पर अधिकारियों ने काम भी शुरू कर दिया है। बरेली जिले में 1,704 अपराधियों के नाम पुलिस की फाइलों में मौजूद हैं। इनका भौतिक सत्यापन बरेली के सर्किल अफसरों ने करके इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

अपराधियों की संख्या

चिह्नित अपराधी1704
सत्यापित हो चुके अपराधियों की संख्या1657
सत्यापन के लिए बचे अपराधियों की संख्या47
जेल में बंद अपराधियों की संख्या207
सत्यापन के दौरान घरों में मौजूद1145
फरार अपराधियों की संख्या303
मृत अपराधियों की संख्या03

अपराध के हिसाब से बन रहा अपराधी का रिकॉर्ड

विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लगते ही पुलिस चुनाव कराने में व्यस्त हो गई थी। इसका फायदा उठाकर अपराधी सक्रिय हो गए थे। चुनाव के दौरान पुलिस की व्यस्तता देख अपराधियों ने वारदात को भी अंजाम देना शुरू कर दिया था। हालांकि, पुलिस इस दौरान कार्रवाई भी कर रही थी, लेकिन फोर्स की कमी के चलते प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

अब एक बार फिर विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद पुलिस ने काननू-व्यवस्था पर काम करना शुरू कर दिया था। बरेली पुलिस के अफसरों ने भी जिले के अपराधियों की कुंडली एक बार फिर खंगालनी और तैयार करना शुरू कर दी। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सभी अपराधियों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया गया है। इस बार पुलिस ने सभी अपराधियों की कुंडली उनके अपराध तरीके के हिसाब से तैयारी की है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि कौन अपराधी किस अपराध में सक्रिय है और कौन निष्क्रिय है।

प्रदेश में नशे की मंडी, साइबर क्राइम का गढ़, अवैध शराब कारोबार के साथ ही हवाला कारोबार का नया गढ़ बना बरेली।
प्रदेश में नशे की मंडी, साइबर क्राइम का गढ़, अवैध शराब कारोबार के साथ ही हवाला कारोबार का नया गढ़ बना बरेली।

अपराधियों का गढ़ बना बरेली

यूपी की बात करें, तो बरेली पश्चिमी यूपी ही नहीं पूरे प्रदेश में अपराध का एक नया गढ़ बन गया है। यहां हत्या, लूट, फिरौती के लिए अपहरण, दुष्कर्म, छेड़खानी की वारदात तेजी से बढ़ रही हैं।साथ ही बरेली प्रदेश में नशे की मंडी, साइबर क्राइम का गढ़, अवैध शराब कारोबार के साथ ही हवाला कारोबार का नया गढ़ बन गया है।

हालांकि, चुनाव के पहले बरेली पुलिस ने नशे का कारोबार करने वाले तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की थी। हालांकि, साइबर अपराधियों और शराब माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। अब प्रदेश में एक बार फिर योगी सरकार ने बनने के बाद पुलिस इन सभी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

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