मंत्री अरूण कुमार ने शुरू किया पल्स पोलिया अभियान:बरेली में आज से घर-घर जाकर पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की दवा

बरेली11 दिन पहले
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मंत्री अरूण कुमार ने शुरू किया पल्स पोलिया अभियान। बरेली में आज से घर-घर जाकर पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की दवा। बच्ची को दवा पिलाकर पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत करते मंत्री अरुण कुमार। - Dainik Bhaskar
मंत्री अरूण कुमार ने शुरू किया पल्स पोलिया अभियान। बरेली में आज से घर-घर जाकर पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की दवा। बच्ची को दवा पिलाकर पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत करते मंत्री अरुण कुमार।

बरेली में आज मंत्री अरूण कुमार ने बच्चों को पल्स पोलिया की दवा पिलाकर सरकार के अभियान की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है । इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका, जबकि भारत में पोलियो उन्मूलन संभव हो गया ।

चूंकि पड़ोसी देशों में पोलियो के वायरस मौजूद हैं, इसलिए एहतिहातन भारत के भी हर शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चे को पोलियो से पूर्ण प्रतिरक्षित किया जाना अनिवार्य है । इसलिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।

मंत्री ने अभियान का किया शुभारंभ

बरेली शहर विधायक और मंत्री वन एवं पर्यावरण डा. अरुण कुमार ने यूपीएचसी बानखाना में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेले के शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेयर डा. उमेश गौतम, डीएम शिवाकांत द्विवेदी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बलवीर सिंह ने बच्चों को पल्स पोलियो की ड्राप पिलाई।

वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदपुर में विधायक फरीदपुर डा. श्यामबिहारी लाल, सुभाषनगर में विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, सीबीगंज में मेयर डा. उमेश गौतम, दलेल्नगर में जिला अध्यक्ष भाजपा रविन्द्र सिंह द्वारा स्वास्थ्य मेले एवं पल्स पोलियो कार्यक्रम बूथ का उद्घाटन किया गया। जिसमें क्षेत्र के अन्य सभी गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

19 से 23 सितंबर तक घर-घर अभियान

जिला प्रतिरक्षा अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि 19 से 23 सितंबर तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की दवा पिलाएंगी। पोलियो का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल है। पल्स पोलियो का ड्रॉप जन्म के समय ही दिया जाता है। इसके अलावा 6, 10 और 14 सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाया जाता है। इसकी बूस्टर खुराक 16 से 24 महीने की आयु में भी दी जाती है।

भारत सरकार के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर 23 अक्टूबर 2018 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक पोलियो के 200 संक्रमणों में से एक संक्रमण अपरिवर्तनीय पक्षाघात (आमतौर पर पैरों में) में बदल जाता है। ऐसे पक्षाघात पीड़ित में से 5 से 20 फीसदी की मौत हो जाती है । ऐसे में इस जटिल बीमारी के प्रति संपूर्ण प्रतिरक्षण अति आवश्यक है।

2823 बूथों पर पिलाई गई पोलियो की दवा

वहीं डा. प्रशांत रंजन ने बताया कि जिले में रविवार को आयोजित बूथ दिवस पर 2823 बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई गई जिसमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अशोक कुमार, डा. आरपी मिश्र, डा. भानु प्रकाश एवं समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी, यूनीसेफ से इरशाद खान, सीएचएआई संस्था से निसार अहमद, यूएनडीपी से धर्मेन्द्र सिंह चैहान, जेएसआई से शमीम अहमद, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर अकबर हुसैन सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।