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24 घंटों में दो मीटर बढ़ा रामगंगा का जलस्तर:भीषण बारिश की वजह से लगातार बढ़ रहा रामगंगा का जलस्तर, बाढ़खंड विभाग की टीमें अलर्ट, बन रही बाढ़ की संभावना

बरेली10 दिन पहले
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गुरुवार को यह हालात थे रामगंगा के, खतरे के निशान से महज कुछ ही मीटर नीचे रह गई है रामगंगा। - Dainik Bhaskar
गुरुवार को यह हालात थे रामगंगा के, खतरे के निशान से महज कुछ ही मीटर नीचे रह गई है रामगंगा।

बरेली समेत आस-पास के इलाकों में भीषण बारिश की वजह अब हालात बाढ़ जैसे बन गए है। बारिश का हाल यदि यही रहा तो अगले कुछ ही दिनों में बाढ़ की भी संभावना हो सकती है। क्योंकि बारिश की वजह से रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में रामगंगा अपनी मौजूदा स्थिति से दो मीटर और ऊपर आ चुकी है। रामगंगा अब खतरे के निशान से महज तीन मीटर से भी नीचे है। बारिश का हाल यही रहा तो अगले दो दिनों में रामगंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगी। इसके बाद लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि बाढ़ खंड विभाग ने भी अभी से इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली है।

गुरुवार को 160 मीटर से भी ऊपर थी रामगंगा
बाढ़ खंड विभाग की माने तो गुरुवार को सुबह आठ बजे तक रामगंगा का जलस्तर 160.13 मीटर था। जबकि बु़धवार को यह 158.18 था। यानि पिछले 24 घंटों में रामगंगा का जलस्तर 1.95 मीटर बढ़ा है। यानि लगभग दो मीटर तक पानी में बढ़ोत्तरी हो चुकी है। विभाग की अधिकारियों का कहना है कि यह पानी अभी कहीं से छोड़ा नहीं गया है। बल्कि यह केवल बारिश का ही पानी है। ऐसे में यदि किसी बांध से पानी छोड़ा गया तो जलस्तर कहां पहुंचेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे मीरगंज और नबावगंज
बाढ़खंड विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से बरेली में सबसे ज्यादा इलाके मीरगंज और नबावगंज के प्रभावित होंगे। क्योंकि शहर के पास आते-आते रामगंगा में कई जगह बांध होने की वजह बाढ़ की संभावनाएं कम हो जाती है। मगर मीरगंज और नबावगंज एकदम अलर्ट मोड पर रहता है। इन दोनों में भी बात करें तो सबसे ज्यादा अलर्ट पर मीरगंज रहता है।

शहर के आस-पास के कुछ गांव पर भी होता है खतरा
ऐसा नहीं है कि विभागीय अधिकारियों की नजर केवल मीरगंज और नबावगंज पर ही है। रामगंगा नदी के किनारे बसे शहर के आस-पास के इलाकों को भी अलर्ट मोड पर रखा जाता है। इसमें चौबारी, समेत आस-पास के कई गांव शामिल है।

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