झारखंड की अफीम से बरेली में तैयार हो रही स्मैक:बरेली में तैयार नशीले पदार्थ की उत्तराखंड से लेकर दिल्ली, पंजाब तक सप्लाई

बरेली5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अफीम से स्मैक तैयार करने के बाद दिल्ली बेचने जाने के दौरान पुलिस ने किया गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
अफीम से स्मैक तैयार करने के बाद दिल्ली बेचने जाने के दौरान पुलिस ने किया गिरफ्तार।

पश्चिमी यूपी में नशे की सबसे बड़ी मंडी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाला बरेली जिला अब स्मैक की फैक्ट्री के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। अभी तक बरेली के नशे के तस्कर बाहर से स्मैक लाकर बरेली समेत उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब में इसकी सप्लाई करते थे। मगर, अब बरेली में ही स्मैक तैयार की जा रही है। इसका खुलासा तब हुआ जब STF प्रभारी अजय पाल सिंह ने 26 मार्च को झारखंड के तस्कर को गिरफ्तार किया था।

इस दौरान पता चला कि फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी और फतेहगंज पूर्वी के कुख्यात स्मैक तस्कर जो जेल में बंद हैं, उनके गुर्गे अब बरेली में स्मैक बनाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई कर रहे हैं। इसके लिए वह झारखंड के नक्सली इलाकों से कच्चा माल लाते हैं और उसी कच्चे माल से यहां स्मैक तैयार कर तस्करी का काम करते हैं।

बरेली में तैयार स्मैक की उत्तराखंड से लेकर दिल्ली, पंजाब तक सप्लाई की जा रही है।
बरेली में तैयार स्मैक की उत्तराखंड से लेकर दिल्ली, पंजाब तक सप्लाई की जा रही है।

उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सप्लाई

वहीं, कृष्णा दांगी से अफीम खरीदने के मामले में गिरफ्तार बरेल के कुंदन लाल ने बताया कि यहां अफीम से स्मैक तैयार करने के बाद भारी पैमाने पर मिलावट की जाती है। एक किलो स्मैक से करीब चार किलो स्मैक आराम से तैयार हो जाती है। इसके बाद उसे उत्तराखंड, दिल्ली से लेकर पंजाम समेत अन्य दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जाता है।

कुछ महीने पहले फरीदपुर के पढ़ेरा गांव के प्रधान और स्मैक तस्कर छोटे खान को पुलिस ने 20 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। उसने वह स्मैक फरीदपुर में ही अपने घर पर तैयार की थी। इसे लेकर वह दिल्ली लेकर जा रहा था और उसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

झारखंड की अफीम से बना रहे स्मैक

STF प्रभारी अजय पाल ने बताया कि 26 मार्च को तीन किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया झारखंड जिला चतरा के गांव दरियातु निवासी कृष्णा दांगी पुत्र भुवनेश्वर दांगी ने बताया कि वह बरेली के फतेहगंज पश्चिमी, फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर के स्मैक तस्करों को बड़े पैमाने पर अफीम सप्लाई करता है। कोविड के पहले अफीम की कीमत 80 हजार रुपए किलो थी।

मगर, कोविड के बाद यही अफीम इस समय 2.80 लाख रुपए किलो है। इसी से ही स्मैक तैयार की जाती है। कच्चे माल की कीमत तीन गुना से अधिक होने के चलते स्मैक महंगी हो गई, तो बरेली के स्मैक तस्कर खुद ही अफीम से स्मैक बनाने लगे, जिससे अब उन्हें मोटा मुनाफा हो रहा है।

जेल गए कुख्यात स्मैक तस्कर

  • इरफान उर्फ पप्पू निवासी फरीदपुर
  • निवासी फरीदपुर
  • इस्लाम निवासी फरीदपुर
  • नन्हें उर्फ लंगड़ा निवासी फतेहगंज पश्चिमी
  • रिफाकत अंसारी निवासी फतेहगंज पश्चिमी
  • उस्मान निवासी फतेहगंज पश्चिमी
खबरें और भी हैं...