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20 दिन में भी मरम्मत अधूरी:नागरिकों का विरोध दबाने अफसरों ने गड्‌ढों में गिट्टी डलवाकर की मरम्मत की खानापूर्ति

बरेलीएक महीने पहले
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गड्ढों के कारण वाहन चालकों को हो रही परेशानी। - Dainik Bhaskar
गड्ढों के कारण वाहन चालकों को हो रही परेशानी।
  • ठेकेदार ने चार दिन में डामरीकरण करने का किया था वादा

करीब 20 दिन पहले नगर संघर्ष समिति ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर 7 दिन में क्षतिग्रस्त सड़कों पर डामरीकरण मरम्मत करने की चेतावनी दी थी,लेकिन 20 दिन होने को हैं अभी तक न तो मरम्मत हुई न ही डामरीकरण जिसको लेकर एक बार फिर आक्रोश पनपने लगा है। समिति के ज्ञापन के बाद एसडीएम ने तत्काल निर्माण एजेंसी के ठेकेदार को बुलवाकर मरम्मत करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बड़े-बड़े गड्ढों में गिट्टी चूरी डालकर खाना पूर्ति कर दी है, लेकिन हालत जस के तस बने हुए हैं।

यही नहीं जिन गड्ढों में गिट्टी चूरी डालकर भरने की आधा अधूरा प्रयास वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। आए दिन वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं, हालत यह है कि वाहन चालक घर की जगह निजी व सरकारी अस्पताल उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। नागरिकों ने बताया कि नगर का यह मुख्य मार्ग हैं और इस मार्ग से अफसर जनप्रतिनिधि के अलावा आमजनों का आवागमन यहीं से होता है, बावजूद इसके सड़क सुधार को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

अब नागरिकों ने सड़क नहीं बनने तक बड़ा आंदोलन करने की रणनीति तैयार की है। वहीं ठेकेदार ने अफसरों व नागरिकों से वादा किया था कि दो चार दिन में उनका डामर प्लांट चालू हो जाएगा तो डामरीकरण करवा दिया जाएगा लेकिन अभी तक न डामरीकरण हुआ न ही मरम्मत ठीक से हुई जिसका खामियाजा यहां से आवागमन करने वालों को भुगतना पड़ रहा है।

धनाश्री से सलैया की हालत बद से बदतर: वैसे तो नगर के अंदर और बाहर दोनों ही जगहों पर सड़कों की हालत बद से बदतर बनी हुई है, लेकिन धनाश्री से सलैया तक ही हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां से वाहन चालकों को विशेष सावधानी का ध्यान रखना पड़ता है। यदि जरा सी चूक हो जाए तो वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर जाता है। पिछले साल करीब आधा दर्जन ट्रक इस मार्ग पर गिरकर पलट गए थे जिसके चलते कई बार मार्ग अवरुद्व हुआ था। यदि मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में समस्या का सामना करना पड़ेगा।

गुणवत्ता को दरकिनार कर हो रही थी मरम्मत
एसडीएम के निर्देश पर जब ठेकेदार ने मरम्मत शुरु कर दी थी, जिसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा था, जिसको लेकर संघर्ष समिति ने आपत्ति दर्ज करवाई थी और काम रुकवा दिया था। जिसके बाद से ही आधा अधूरी मरम्मत ही हो पाई। संघर्ष समिति के सदस्यों ने गुणवत्ता के साथ डामरीकरण करवाने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन आसानी से हो सके और परेशानियों का सामना न करना पड़े।

आंदोलन की रूपरेखा जमाने बुलाएंगे बैठक
नगर संघर्ष समिति के संयोजक साहब सिंह धाकड़ ने बताया कि ज्ञापन देने के बाद लगभग 20 दिन से अधिक गुजर चुके हैं। लेकिन ठेकेदार के द्वारा सड़क मरम्मत को लेकर सिर्फ खानापूर्ति की गई है वही डामरीकरण भी नहीं किया गया, हालत यह है कि बड़ी मात्रा में धूल उड़ रही है इस संबंध में एक बार फिर ठेकेदार से चर्चा की जाएगी एवं आंदोलन की रुपरेखा जमाने बैठक बुलाई जाएगी।

मरम्मत नहीं हुई तो करवाएंगे

  • ^मुझे एजेंसी और ठेकेदार ने सूचना दी है कि सड़क का पेंचवर्क किया जा चुका है वहीं आपसे जानकारी प्राप्त हो रही है कि किए जाने वाला कार्य गुणवत्ता विहीन है एवं डामरीकरण नहीं किया गया है। मैं पुनः ठेकेदार और एमपीआरडीसी से बात कर पेंचवर्क पूर्ण करवाता हूं। -प्रमोद गुर्जर, एसडीएम बरेली
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