बालिका बधू बनने से बची किशोरी:बरेली के भोजीपुरा के पीपलसाना गांव में महिला कल्याण विभाग ने रोका बाल विवाह

बरेली3 महीने पहले
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बरेली के भोजीपुरा के पीपलसाना गांव में महिला कल्याण विभाग ने रोका बाल विवाह। मौके पर मौजूद पुलिस व चाइल्ड लाइन की टीम। - Dainik Bhaskar
बरेली के भोजीपुरा के पीपलसाना गांव में महिला कल्याण विभाग ने रोका बाल विवाह। मौके पर मौजूद पुलिस व चाइल्ड लाइन की टीम।

बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पीपलसाना की एक किशाेरी रविवार को बालिका बधू बनने से बच गई। दरअसल किशोरी की रविवार को इज्जतनगर थाना क्षेत्र से बारात जानी थी। इसी बीच किशोरी के गांव से किसी कॉलर ने चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी।

सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन, वन स्टॉप सेंटर ओर पुलिस मौके पर बारात के पहुंचने से पहले ही गांव पहुंच गई और किशोरी के परिजनों को समझाकर बारात रूकवा दी। समझाने पर किशोरी के परिजन मान गए और बालिग होने तक शादी न करने की बात कही।

सात भाई बहन है किशोरी

पीपलसाना निवासी किशोरी के पिता ने बताया कि उनके तीन बेटियां और चार बेटे हैं। जिस बेटी की शादी थी उसकी उम्र आधार कार्ड में चार माह कम थी। यानि बालिग होने पर उसे अभी चार माह पहले ही उन्होंने निकाह करने की तैयारी की थी लेकिन अब वह उसकी शादी बालिग होने के बाद ही करेंगे। जिस किशाेरी की शादी थी वह तीन बहनों से छोटी थी। किशोरी के पिता ने बताया कि वह आंखो से दिव्यांग हैं, मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं।

दोपहर में मिली सूचना

जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि रविवार दोपहर एक व्यक्ति ने कॉल करके सूचना दी कि भोजीपुरा के ग्राम पीपलसाना में एक नाबालिक लड़की का बाल विवाह किया जा रहा है। जो नाबालिग है, उन्होंने तत्काल चाइल्ड लाइन, वन स्टॉप सेंटर की सब इंस्पेक्टर कनकलता एवं स्टाफ को बाल विवाह रूकवाने के संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की टीम ने भोजीपुरा पुलिस थाने में सूचना दी गई।

चाइल्डलाइन की टीम तत्काल पीपलसाना के लिए रवाना हुई पुलिस एवं चाइल्डलाइन वन स्टॉप सेंटर की टीम ने तत्काल प्रभाव से बाल विवाह को रोकने की कार्रवाई की गई एवं बालिका के माता-पिता को बाल कल्याण समिति के समक्ष कल प्रस्तुत होने के निर्देश दिए। बाल विवाह जाकर मौके पर रोका गया। टीम के द्वारा माता पिता को समझाया गया कि बाल विवाह एक अपराध है।

इसमें सजा और दंड दोनों का प्रावधान है के विषय में अवगत कराया गया। तब माता पिता ने यह लिखित रूप से दिया है कि उनकी लड़की जब तक 18 वर्ष से ऊपर नहीं होगी तब तक वह विवाह नहीं करेंगे। इस प्रकार से उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग द्वारा एक बालिका का भविष्य और स्वास्थ्य दोनों की ही सुरक्षा करते हुए बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने में सफलता प्राप्त की।