बरेली में चार गुना से अधिक बढ़ा एक्यूआई लेवल:सेंट्रल कंट्रोल बोर्ड ने आवासीय इलाके की निगरानी करने के लिए जांचा प्रदूषण

बरेली22 दिन पहले
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दीपावली पर प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए शासन की ओर से भले ही सिर्फ ग्रीन पटाखों को बेचने की परमिशन दिया गया था। फिर भी बिके वही पटाखे जो हर साल बिकते चले आ रहे थे। इस बार दीपावली की रात खुशी में यह पटाखे इतने फोड़े गए कि शहर की आबोहवा चार दिनों में चार गुना से अधिक जहरीली हो गई। पटाखों के प्रदूषण ने सांसों में जहर तो घोला ही धमाकों ने ध्वनि प्रदूषण का स्तर भी 10 गुना तक बढ़ा दिया। दीपावली की खुशी के मौके पर फोड़े गए इन पटाखों के धुंए और शोर में कोर्ट का आदेश और शासन का निर्देश पूरी तरह उड़ गए।
देहात की अपेक्षा शहर अधिक हुआ प्रदूषित
पर्यावरणविद् और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछली दीपावली का रिकॉर्ड इस बार की दीपावली पर टूट गया और प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया। यानि एक्यूआई की बात करें तो पांच 6 सौ करीब तक पहुंच गया है। टीम ने शहर के अलग-अलग इलाके का वायु और ध्वनि प्रदूषण की जांच की तो चौकाते हुए यह काफी बढ़ा हुआ निकला। बढ़ा हुआ यह प्रदूषण अस्थमा स्वांस की अन्य बीमारियों के मरीज के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।

ध्वनि प्रदूषण

डेटस्थानध्वनि का स्तर
29 अक्टूबरमलूकपुर बड़ी बमनपुरी56.7
29 अक्टूबरमिथिलापुरी सौ फिटा रोड53.8
4 नवम्बरमलूकपुर बड़ी बमनपुरी मलूकपुर बड़ी बमनपुरी109.4
4 नवम्बरमिथिलापुरी सौ फिटा रोड पर104.7

वायु प्रदूषण

डेटएक्यूआईपीएम 10पीएम 2.5एसओएक्सएनओएक्स
31 अक्टूबर9191.351.8612.8522.56
1 नवम्बर9692.6357.4413.2513.25 13.25
4 नवम्बर410387.01262.4831.0756.02

रोगियों को हो सकती है यह परेशानी

  • अस्थमा के रोगियों के लिए होगी दिक्कत
  • दमा के रोगियों और वृद्धजनों को होगी परेशानी
  • छोटे बच्चों के लिए भी खतरनाक है प्रदूषण
  • बीमार लोगो के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है
  • आंखों में जलन और पानी निकलने की पदिक्कत बढ़ती है
  • लंबे समय तक प्रदूषण बने रहने से कार्बन यानि स्मॉग के कण फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, और सीओपीडी का रोगी बनने का कारण हो सकते हैं।

इनका रखें ध्यान

  • कुछ दिन मॉर्निंग वॉक करने से परहेज रखें।
  • घर की खिड़की बंद रखें, ताकि कमरे में प्रदूषण न पहुंचे
  • स्मॉग हो तो तो इवनिंग और मॉर्निंग वॉक न करें
  • घर पर बुजुर्ग या बच्चों को बिल्कुल बाहर न निकलने दें
  • जरूरी काम है तो मास्क पहनकर कर बाहर निकले।

यह हैं एक्यूआई की कैटेगरी
0 से 50 के बीच -अच्छा
51 से 100 के बीच - संतोषजनक
101 से 200 के बीच - खराब
301 से 400 के बीच - बहुत खराब
401 से अधिक - गंभीर श्रेणी में

निगरानी को जल्द लगेगा हाईटेक सिस्टम
हाईटेक सीएएक्यूएमएस (कांन्टीन्यूअस एम्बीएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम) सिर्फ पॉल्यूशन ही नहीं हवा की गति, परिवेश का तापमान, दिशा, सापेक्षि आद्र्रता, सौर्य विकिरण, बैरोमीटर का दवाब और वर्षा गेज को भी माप सकेगा। यह सिस्टम वायु प्रदूषण में एसओ-2, एनओ, एनओ-2, एनएच-3, सीओ, ओ-3, वीओसी और पीएम -10 और 2.5 को भी माप बता सकेगा। इस सिस्टम को जल्द ही शुरू किया जाएगा।

सीनियर फिजिशियन, डॉ. अजय मोहन अग्रवाल ने बताया कि देहात की अपेक्षा शहर में एक्यूआई दीपावली पर बहुत बढ़ा है इससे दमा, अस्थमा या फिर जिनको स्वास्थ्य संबंधी परेशानी पहले से है, उनको दिक्कत और बढ़ सकती है। स्वांस रोगियों और बुजुर्गों और बच्चों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

पर्यावरणविद्, डॉ. आलोक खरे ने बताया कि आतिशबाजी से शहर में धूल और वाहनों से भी प्रदूषण बढ़ा है। ध्वनि और वायु प्रदूषण की लगातार मानीटिंग की जा रही हैं। लेकिन हम सभी को प्रदूषण कम हो इसके लिए प्रयास करने की जरूरत है।

क्षेत्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड अधिकारी रोहित सिंह ने कहा कि शहर के अलग-अलग इलाके में टीम ने एक्यूआई और ध्वनि प्रदूषण को मापा है। एक्यूआई और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक तरीके से बढ़ा हुआ है। टीम लगातार जांच कर लोगों को जागरूक कर रही है, फिर भी लापरवाही की गई।