पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

खेती-किसानी:मूंग के समर्थन मूल्य को लेकर शासन ने नहीं लिया निर्णय, मंडी में हो रही है बंपर आवक

बरेली18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • व्यापारी मनमाने दामों पर खरीद रहे किसानों से उपज
  • मजबूरी यह कि पानी गिरा तो हो जाएगी खराब

इन दिनों किसानों ने क्षेत्र में मूंग की कटाई करवाना शुरू दिया है। इसके साथ ही तत्काल मंडी में बेचने के लिए कृषि उपज मंडी में लेे आ रहे हैं, ताकि पानी गिरने से पहले मूंग बिक सके और नुकसान से बचा जा सके। मूंग फसल कटाई के तत्काल बाद किसानों को धान की क्यारियां एवं धान का रोपा तैयार करना है जिसके चलते किसान को तत्काल बड़ी मात्रा में पूंजी की आवश्यकता पड़ेगी। इसके चलते किसान के द्वारा कृषि उपज मंडी में मूंग बिक्री के लिए लाई जा रही है।

लेकिन मूंग की खरीदी को लेकर इस वर्ष शासन ने अभी तक समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है जिसके चलते किसान मंडी में व्यापारियों के यहां कम दामों पर बेचने काे मजबूर हैं। विगत दिनों प्रदेश के कृषि मंत्री द्वारा मूंग को समर्थन मूल्य पर खरीदी की बात कही गई थी लेकिन आज दिनांक तक खरीदी को लेकर सरकार की ओर से मंजूरी नहीं मिलने के चलते क्षेत्र के कई किसान सरकार के आदेश का इंतजार कर रहे है ।

4 जून से होने थे समर्थन मूल्य को लेकर पंजीयन, अभी नहीं हुए शुरू
वही विगत दिनों 4 जून से मूंग के समर्थन मूल्य को लेकर पंजीयन की बात कही गई थी लेकिन अभी तक पंजीयन की शुरूआत नहीं हो सकी। वहीं दूसरी ओर लगभग डेढ़ महीने बाद खुलने वाली नगर की कृषि उपज मंडी में किसानों के द्वारा अपनी अपनी मूंग की उपज बिक्री के लिए लाना प्रारंभ कर दिया गया है जो कटाई के साथ धीरे-धीरे बढ़ने लगेगी ।

2 जून को 6 हजार था प्रति क्विंटल, अब घटे दाम, 5711 रुपए प्रति क्विं बिकी
मंगलवार 2 जून से खुलने वाली कृषि उपज मंडी में पहले 2 दिन तो क्षेत्र का किसान अपनी उपज लेकर मंडी नहीं पहुंचा लेकिन गुरुवार को किसानों के द्वारा लगभग 20 क्विंटल मूंग लेकर आए जो 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल बिकी। वहीं शुक्रवार को लगभग 50 कुंटल मूंग बिकने को आई जो 5711 रुपए क्विंटल बिकी।

अब बढ़ने लगी लागत उत्पादन हो रहा कम
धनाश्री के किसान अंकित रावत ने बताया कि मूंग की प्रति एकड़ लागत 12 से 14 हजार रुपए प्रति एकड़ आती है साथ ही मूंग का उत्पादन भी कम हो रहा है। यदि उत्पादन सही होने लगे तो किसानों को नुकसान नहीं होगा। जिस मान से व्यापारियों के द्वारा खरीदी की जा रही है उस से किसानों को नुकसान ही है।

किसान अमित जैन ने बताया कि मूंग कटाई के तत्काल बाद किसानों की रुपयों की जरूरत है वहीं दूसरी ओर कृषि मंत्री के द्वारा की गई घोषणा का अभी तक अमल नहीं हुआ और न ही समर्थन मूल्य के लिए पंजीयन प्रारंभ हुए हैं ऐसी स्थिति में फिर एक बार किसान के साथ सरकार के द्वारा मजाक किया गया है । किसान मजबूरी में अपनी उपज मंडी में बेचने को मजबूर है।

नए आदेश नहीं आए
समर्थन मूल्य पर की जाने वाली मूंग की खरीदी को लेकर अभी किसी प्रकार के आदेश नहीं आए हैं,लेकिन वर्तमान में बड़ी ही कम मात्रा में मूंग आ रही है। किसान और व्यापारियों की सहमति से सौदा हो रहे हैंं। आगे क्या आदेश आते हैं जैसे ही कोई नया आदेश आता है उसी के आधार पर कार्य किया जाएगा।
-हीरेंद्र राठौर, प्रभारी सचिव कृषि मंडी बरेली

खबरें और भी हैं...