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अफगानी महिलाओं को मिले शिक्षा का अधिकार:बरेली के उलेमाओं ने लड़कियों को शिक्षा देने का किया समर्थन; बोले- बुर्का पहनकर पढ़ाई करें, ये वक्त की जरूरत

बरेली20 दिन पहले
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अफगानिस्तान में महिलाएं शरीयत पर अमल करते हुए पढ़ना चाहती है, तो उन्हें पढ़ने की इजाजत मिलनी चाहिए। - Dainik Bhaskar
अफगानिस्तान में महिलाएं शरीयत पर अमल करते हुए पढ़ना चाहती है, तो उन्हें पढ़ने की इजाजत मिलनी चाहिए।

अफगानिस्तान में तालिबान कब्जे के बाद वहां की महिलाओं के हिजाब पहनने की पाबंदियों पर बरेलवी उलेमा ने भी बच्चियों की पढ़ाई का समर्थन किया है। बरेली की दरगाह आला हजरत के मौलाना शहाबुददीन रजवी के ने कहा है कि कुरआन इल्म इजाजत देती है। अफगानिस्तान में महिलाएं शरीयत पर अमल करते हुए पढ़ना चाहती है, तो उन्हें पढ़ने की इजाजत मिलनी चाहिए।

अफगानी की महिलाओं को मिले शिक्षा का अधिकार
धार्मिक शिक्षा के साथ स्कूल शिक्षा पर मुस्लिम संप्रदाय में जोर दिया जा रहा है। बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए इल्म से जोड़ा जा रहा है। समाज में लिंग के आधार पर भेदभाव का मुद्दा अब पीछे छूट चुका है। अफगानिस्तान में भले ही तालिबान का कब्जा हो गया हो। लेकिन महिलाओं ने बुर्का पहनकर पढ़ाई का अधिकार मांगा है। उन्होंने कहै कि सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के मंजूर-ए-इस्लाम से ई-पाठशाला द्वारा मरकजे अहले सुन्नत से नेपाल के मुसलमानों से रिश्तों को मजबूत किया।

दरगाह के मुफ्ती गुलाम मुस्तफा ने कहा कि कामयाबी के रास्तों पर चलने के लिए इल्म जरूरी है। पता चला है कि अफगानिस्तान की महिलाएं पढ़ाई का अधिकार मांग कर रही हैं। वहां के हुक्मरानों को चाहिए वो ऐसी महिलाएं जो बुर्का में रहकर, शरीयत हुक्म पर अमल करते हुए तालीम हासिल करना चाहती है, उन्हें पढ़ने से न रोका जाए।

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