बस्ती में कर्बला के शहीदों का मनाया चेहलुम:मातमी जुलूस निकाला, मजलिसों का हुआ आयोजन, अखाड़ों में युवाओं ने दिखाई कला

बस्ती19 दिन पहले
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बस्ती में कर्बला के शहीदों का चेहलुम रविवार को मनाया गया। - Dainik Bhaskar
बस्ती में कर्बला के शहीदों का चेहलुम रविवार को मनाया गया।

बस्ती में कर्बला के शहीदों का चेहलुम रविवार को मनाया गया। इस अवसर पर इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन कर पैगम्बरे इस्लाम के नवासे इमाम हुसैन, उनके साथियों की कर्बला में दी गई कुर्बानी को याद किया गया। शहर से लेकर गांव तक जुलूस निकाला गया।

कर्बला में देर शाम ताजियों को दफन किया गया। इमामबाड़ा शाबान मंजिल से मातमी जुलूस निकाला गया। लाडली मंजिल में कुछ देर रुकने के बाद जुलूस जिला अस्पताल स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। अकीदतमंदों ने जंजीरों, छुरियों से मातम कर शहीदों के प्रति अपनी आस्था, कुर्बानी के जज्बे का संदेश दिया।

बस्ती में कर्बला के शहीदों का चेहलुम रविवार को मनाया गया।
बस्ती में कर्बला के शहीदों का चेहलुम रविवार को मनाया गया।

जानिब से निकाला गया जुलूस
मोहर्रम कमेटी पक्का बाजार की जानिब से ताजिए का जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोग मोहर्रम का विशेष बाजा बजा रहे थे। अखाड़े में युवाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। अल्लाहो अकबर, हुसैनियत के नारे जुलूस में गूंज रहे थे। इमामबाड़ा शाबान मंजिल, गांधी नगर में आयोजित मजलिस को सम्बोधित करते हुए डॉ. अबुजर ने कहा कि कर्बला हमें मानवता, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश देती है।

पैगम्बर ने उठाई थी जुल्म के खिलाफ आवाज
इराक स्थित कर्बला में आज के दिन पूरी दुनिया से इमाम हुसैन के करोड़ों अनुयायी जमा होकर इमाम की शहादत की याद मना रहे हैं। कहा कि इस्लाम से पहले महिलाओं का जीवन नारकीय था, काले लोगों पर उच्च नस्ल वाले जुल्म करते थे, एक दूसरे की जान लेना बहुत आसान था। ऐसे माहौल में पैगम्बर ने इसके खिलाफ आवाज उठाकर एक आदर्श समाज की स्थापना की।

72 दिनों तक रखा गया था भूखा-प्यासा
मुसलमान के भेष में सत्ता पर काबिज हुआ यजीद इब्ने माविया इन आदर्शों को कुचल रहा था, अपने इन कुकृत्यों को सही ठहराने के लिए इमाम हुसैन से बैयत चाहता था। इमाम ने नाना का दीन बचाने के लिए इंकार कर दिया। परिणाम स्वरूप कर्बला के मैदान में 72 साथियों के साथ उन्हें तीन दिन तक भूखा-प्यासा रखकर शहीद कर दिया गया।

यह लोग रहे मौजूद
इस दौरान सुहेल हैदर, सोनू, साजिद, साबिर, मोहम्मद रफीक, जैन, अयान रिजवी सहित अन्य लोगों ने नौहा पेश किया। जीशान रिजवी, शम्स आबिद, सफदर रजा, हसनैन रिजवी, राजू, मुन्ने, जावेद, तकी हैदर, अरशद आबिद, शीनू, इमरान अली व अन्य शामिल रहे।

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