ससुराल में बच्चे के साथ धरने पर बैठी महिला:डीएम से लगाई गुहार, पति से घर में रहने के लिए दें जगह, 3 हजार के भत्ते में नहीं होता गुजारा

बस्ती2 महीने पहले
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धरने पर बैठी महिला। - Dainik Bhaskar
धरने पर बैठी महिला।

बस्ती में वाल्टरगंज थाना क्षेत्र की केउवां जप्ती गांव निवासी एक पत्‍नी ससुराल में रहने के लिए अपने 2 छोटे बच्‍चों के साथ घर के सामने धरना पर बैठी है। उसका मानना है कि शायद उसके पति का मन बदल जाय और उसे ससुराल में ठिकाना मिल जाय। केउवा जप्‍ती गांव निवासी बालकेश और उसकी पत्‍नी शांति देवी के बीच किसी बात को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकडा कि ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।

ससुराल वालों पर दर्ज कराया था दहेज उत्पीड़न का केस

पति के घर से निकाले जाने के बाद शांति देवी अपने मायके में आई। ससुराल वालों पर दहेज उत्‍पीडन का मुकदमा भी दर्ज कराया। लेकिन जब उसके पिता का निधन हो गया तो मायके में भी उसके रहने का ठिकाना छिन गया। इसके बाद वह बच्‍चों को लेकर अपने ससुराल पहुंची और ससुराल वालों से विनती कर रही है कि उसे घर में रहने की जगह दे दी जाय। वह घर के बाहर बच्चों के साथ रह रही है। डीएम को भी पत्र देकर उनसे ससुराल के घर में रहने देने के लिए व्‍यवस्‍था कराए जाने की गुहार लगाया है।

घर के बाहर धरने पर बैठी महिला।
घर के बाहर धरने पर बैठी महिला।

घर में रहने के लिए कर रही विनती

पत्र में शान्ती देवी ने कहा है कि कुछ दिन वह से मायके में रह रही थी। जब पिता का निधन हो गया तो उसे मायके में भी ठिकाना नहीं मिला। वह अपने बच्‍चों के साथ घर के बाहर बैठकर पति, ससुर, सास से विनती कर रही है कि उसे घर में रहने की जगह दे दिया जाय जिससे वह अपने बच्चों का पालन पोषण कर सके।

घर के बाहर रखा सामान।
घर के बाहर रखा सामान।

कहा कि उसका अपने पति के साथ कोई तलाक नहीं हुआ है, वह खुले आकाश में दो बच्चों के साथ ससुराल में धरना देकर अपना हक मांग रही है। उसे पति द्वारा 3 हजार रूपये का भरण पोषण मिलता है किन्तु इस मंहगाई में उससे गुजारा संभव नही है। कहा है कि उसके पति के पास दो मकान है इसमें से कहीं भी ठिकाना मिल जाय तो वह रहने को तैयार है। वाल्‍टरगंज पुलिस का कहना है कि महिला का दहेज उत्‍पीडन का मुकदमा चल रहा है, ऐसे में वे कुछ नहीं कर सकते।

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