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बस्ती में खतरे के निशान से ऊपर मनोरमा नदी:24 गांवों में भरा बाढ़ का पानी, 15 सौ हेक्टेयर फसल बर्बाद; बाढ़ खंड विभाग ने तटबंध का कराया ड्रोन सर्वेक्षण

बस्ती4 महीने पहले
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मनोराम नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेबल 91.73 से 19 सेमी ऊपर है। - Dainik Bhaskar
मनोराम नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेबल 91.73 से 19 सेमी ऊपर है।

बस्ती में मनोरमा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेबल 91.73 से 19 सेमी ऊपर है जिसके चलते 24 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। साथ ही 1500 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। बाढ़ खंड विभग तटबंधों को ड्रोन सर्वेक्षण करा रहा है। नदी के दोनों किनारों पर बने लगभग 53 किलोमीटर तटबंध पुराने और जर्जर होने के कारण सैकड़ों गांव के लिए खतरा बन गए हैं।

बढ़े जस्तर से कई तटबंध टूटे

मनोरमा नदी का जलस्तर बढ़ने से 6 गांवों के तटबंध टूट गए है या रिसाव करने लगे हैं। कुसमौर घाट, अजानीपुर, पडरी, रानीगांव, भदासी, कोहराए, अईलहवा, जाटवलिया, करिगहना, सेहरिया, कुसमौरडीह, रामपुर, टेढाघाट, नगरा समेत कई गांव मनोरमा नदी के बाढ़ की चपेट मे आ चुके हैं। यंहा के धान गन्ना, सब्जी के खेतों और आबादी के चारों तरफ पानी भर गया है।

कुसमौर घाट, अइलवा, टेढाघाट, विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के रानीगांव, और हरैया ब्लाक के भदासी, सिसई गाँव के समीप दशको पुराने तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
कुसमौर घाट, अइलवा, टेढाघाट, विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के रानीगांव, और हरैया ब्लाक के भदासी, सिसई गाँव के समीप दशको पुराने तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

ग्रामीण अब ऊंचे स्थानों पर जा रहे

परसरामपुर क्षेत्र के कुसमौर घाट, अइलवा, टेढाघाट, विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के रानीगांव, और हरैया ब्लाक के भदासी, सिसई गाँव के समीप दशको पुराने तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीण अब ऊंचे स्थानों पर जाकर शरण लिए हैं। कमजोर तटबंध जगह जगह धंसकर बैठ जा रहे है। हालांकि प्रशासन द्वारा कुसमौर घाट और भदवासी गांव के पास टूटे तटबंध से बह रहे बाढ़ के पानी को रोक लिया गया है, लेकिन मनोरमा नदी का जलस्तर घटने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण अब फसल क्षति के मुआवजे की मांग करने लगे हैं।

जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं।
जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं।

ड्रोन कैमरे से तटबंधों की जमीनी हालात का जायजा

नदी के जर्जर तटबंध का बाढ़ खंड के अधिकारियों की टीम द्वारा विक्रमजोत परसुरामपुर, हरैया ब्लाक क्षेत्र में चार स्थानों पर नदी के ऊपर ड्रोन कैमरे से तटबंधों की जमीनी हालात का जायजा लिया गया। बाढ़ खंड के अवर अभियंताओं के नेतृत्व में पहुंची तकनीकी सहायकों की टीम ने नदी के दोनों तरफ कई स्थानों पर अधूरा तटबंध गैप बनाने और नदी के करंट लाइन को और सुदृढ़, अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए भौतिक सत्यापन किया।

गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है।
गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है।

सहायक अभियंता ज्ञानधर प्रसाद ने बताया कि मनोरमा नदी के दोनों किनारों पर बने तटबंध 30 से 40 साल पुराने हो चुके हैं जिनकी मरम्मत और पुनुर्द्धार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जल्द ही नदी को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा, साफ सुथरा जल प्रवाह मिलेगा।

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