भदोही में भारतीय वैश्य चेतना महासभा का हुआ आयोजन:अध्यक्ष श्री अरविंद गांधी बोले-  राजनीतिक दल भागीदारी दे, वरना सभी को हो सकती है विधानसभा चुनाव में दिक्कत

भदोही10 महीने पहले
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भदोही में भारतीय वैश्य चेतना महासभा के अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर रखी अपनी मांगें। - Dainik Bhaskar
भदोही में भारतीय वैश्य चेतना महासभा के अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर रखी अपनी मांगें।

भदोही में भारतीय वैश्य चेतना महासभा के अध्यक्ष श्री अरविंद गांधी ने साहू कुंज ,रजपुरा भदोही स्थित सतीश गांधी वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष के आवास पर जनसभा की। वहां उन्होंने कहा कि आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को वैश्य समाज को जनसंख्या के आधार पर भागीदारी देना चाहिए। वैश्य समाज की आबादी उत्तर प्रदेश में 40 से 45 परसेंट है। लेकिन राजनीति में राजनीतिक दलों में लोकसभा और विधानसभा के, जिला पंचायत के चुनाव में भागीदारी बहुत कम है। जिससे राजनीतिक दलों के प्रति वैश्य समाज के लोगों में काफी आक्रोश भी देखा जा सकता है।

भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी है वैश्य समाज

वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा की छोटी-छोटी आबादी वाली जातियों को राजनीतिक दलों के द्वारा ज्यादा भागीदारी दी गई। लेकिन अब तक वैश्य समाज को केवल वोट बैंक ही समझा गया है। वैश्य समाज टैक्स के रूप में नोट देता है और वोट भी देता है। वह भारत के अर्थव्यवस्था की धुरी है। उसके बगैर सरकार चला पाना और सरकारी योजनाओं को चला पाना मुश्किल है। वह साल में कई लाख करोड़ रुपया जीएसटी, एक्साइज ,इनकम टैक्स और नाना प्रकार का टैक्स देकर नोट देता है। फिर भी उसकी उपेक्षा की जाती है। उसको कोई विशेष सुविधा नहीं दिया जाता है। ना सम्मान दिया जाता है। जिससे राजनीतिक दलों के प्रति वैश्य समाज काफी नाराजगी भरा भाव रख रहा है।

वैश्य और व्यापारी नेता को पार्टियां दे टिकट

उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 विधानसभा चुनाव के चुनाव में हम सभी राजनीतिक दलों से मांग करते हैं कि वैश्य व्यापारी बहुल क्षेत्र से वैश्य और व्यापारी नेता को ही टिकट दिया जाए। जिससे कि वैश्य समाज के साथ अन्याय न हो सके। यदि ऐसा नहीं होता है। तो भारतीय वैश्य चेतना महासभा कठोर निर्णय लेगी और अपने समाज के लोगों को चुनाव लड़ाएगी। उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों का चयन प्रारंभ हो चुका है।

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