बुलंदशहर में मनाया गया गंगा जन्मोत्सव:भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, भंडारे और दूध से किया गया अभिषेक

बुलंदशहर9 दिन पहले

बुलंदशहर के गंगा तटों पर मां गंगा के जन्मोत्सव पर नरौरा, राजघाट, कर्णवास और रामघाट गंगा तीर्थों पर लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा तटों पर स्नानार्थियों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने गंगा मां की आरती, भंडारे और दूध से अभिषेक कर विशेष पूजा अर्चना की।

वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर पुण्य सलिला मोक्षदायिनी मां गंगा का जन्मोत्सव होता है। इस पर्व पर स्नान और दानपुण्य का विशेष महत्व है। रविवार को गंगा जन्मोत्सव पर नरौरा के गांधी घाट, बांसी घाट और नरवर घाट सहित राजघाट, कर्णवास और रामघाट के गंगा तटों पर सुबह से ही आगरा, अलीगढ़, संभल, मुरादाबाद, मथुरा आदि जनपदों के लाखों श्रद्धालु गंगा तटों पर पहुंचे। नरौरा के पक्के घाटों पर श्रद्धालुओं को विशेष सुविधाएं दी गई। काफी श्रद्धालु सुबह में आए और पूजा अर्चना के बाद स्नान कर वापस लौट गए।

राजघाट में प्रशासन के विशेष इंतजाम

गंगा सप्तमी पर काफी श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने राजघाट गंगा तट पर पुलिस की विशेष सुविधा की। गंगा घाटों पर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग लगा किसी भी वाहन को अंदर नहीं जाने दिया गया। घाटों पर सुरक्षा को बैरीकेटिंग, गोताखोरों की तैनाती और चिकित्सा, खोयापाया, पुलिस कोतवाली, कंट्रोल आदि शिविर लगा इंतजाम किए। मां गंगा का जन्मोत्सव मनाने को तटों पर बहुत से श्रद्धालु तो एक दिन पहले शनिवार को ही आ गए। सप्तमी को भोर में स्नान कर अपने गंतव्यों पर चल पड़े।

सायंकाल में होगी महाआरती

नरौरा, रामघाट और राजघाट में सायंकाल में महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। रामघाट में गंगाजी का डोला, रसिया होगा। जबकि राजघाट में बनारस जैसी आरती, रात्रि जागरण, छप्पन भोग और भंडारे की तैयारियां हैं।