बुलंदशहर में बारिश का कहर, एक की मौत:पूरा जिला हुआ जलमग्न, फसलों को पहुंचा भारी नुकसान, मकान भी भरभराकर गिरा

बुलंदशहर2 महीने पहले
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बारिश का बाद भरभराकर गिरे मकान का पड़ा मलबा। - Dainik Bhaskar
बारिश का बाद भरभराकर गिरे मकान का पड़ा मलबा।

बुलंदशहर में पिछले सात दिनों से हो रही बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार हो रही बारिश से जनपद पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे अहमदगढ़ में एक मकान की छत बारिश से भरभराकर गिर पड़ी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के वक्त पूरा परिवार घर में सोया हुआ था। ग्रामीण और पुलिस राहत बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के दिल्ली-बदायूं मार्ग पर ग्राम मुमरेजपुर की घटना है।

बरसात के बाद खेत पर पड़ी खराब फसल
बरसात के बाद खेत पर पड़ी खराब फसल

बारिश से फसलों को नुकसान

बुलंदशहर में बेमौसम हुई तेज़ बारिश से धान, तिलहन, उड़द व गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज़ हवा के साथ पड़ने वाली पानी की बौछारों से फसलें खेतों में बिछ गई है। किसानों ने फसलों के नुकसान का आंकलन कर मुआवजे की मांग की है। तस्वीरें जनपद के गांव खदाना, मोहरसा, चरौरा, खालौर इलाके की हैं। जहां कई गांवों के किसानों के लिए बरसात व हवा आफत बनकर बरसी।

मुआवजा देने की मांग रखी

धान की फसल कटाई के बाद खेतों में ही पड़ी थी जो बरसात के पानी में डूब गई है। किसानों ने बारिश से बर्बाद फसलों का आकलन कराकर मुआवजा देने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर बारिश के दौरान नवीन मंडी में क्रय केंद्र संचालकों में भी खलबली मच गई। आनन- फानन में मंडी में पड़े धान को किसी तरह त्रिपाल डालकर भीगने से बचाया गया।

बारिश से किसान सदमे में

गौरतलब है कि करीब 70 प्रतिशत खेतों में पकी हुई धान खड़ी थी। जबकि झमाझम बारिश से धान, तिलहन की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से हुए नुकसान से किसान सदमे में हैं और अब किसानों ने सरकार से खेतों का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।

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