पॉलिटेक्निक के 3 छात्रों ने खाया जहर, एक की मौत:परिजन बोले- कॉलेज प्रबंधन को 10 हजार नहीं दिए तो बेटे को किया फेल, तनाव में दी जान

बुलंदशहर2 महीने पहले
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यह जहांगीराबाद का जनता पॉलिटेक्निक कॉलेज है। - Dainik Bhaskar
यह जहांगीराबाद का जनता पॉलिटेक्निक कॉलेज है।

बुलंदशहर में पॉलिटेक्निक में फेल होने पर 3 छात्रों ने जहर खा लिया। इलाज के दौरान एक छात्र की मौत हो गई। वहीं, दो की हालत गंभीर है। छात्रों के परिजनों ने इसके लिए कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सीएम पोर्टल पर और डीएम से शिकायत की है।

मामला जहांगीराबाद के जनता पॉलिटेक्निक कॉलेज की है। यहां खुर्जा के धरपा का हर्ष राघव, नरेन्द्रपुर का कुलदीप सिंह और एक अन्य छात्र इलेक्ट्रॉनिक से थर्ड इयर के छात्र थे। 20 सितंबर को कॉलेज का रिजल्ट आया। इसमें हर्ष राघव, कुलदीप सिंह और तीन अन्य छात्र फेल थे। सभी को प्रेक्टिकल में अनुपस्थित दिखाया गया था।

यह तस्वीर जहांगीराबाद के जनता पॉलिटेक्निक कॉलेज की है।यहीं तीनों छात्र पढ़ते थे।
यह तस्वीर जहांगीराबाद के जनता पॉलिटेक्निक कॉलेज की है।यहीं तीनों छात्र पढ़ते थे।

दो छात्रों की हालत गंभीर

फेल होने से आहत छात्र हर्ष राघव, कुलदीप सिंह और एक अन्य ने अपने घर पर शुक्रवार दोपहर को जहर खा लिया। परिजन तीनों को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां से तीनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन तीनों को नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर शाम हर्ष राघव की मौत हो गई। जबकि कुलदीप और तीसरे छात्र की हालत गंभीर है।

यह तस्वीर कॉलेज की प्रिंसिपल की है।
यह तस्वीर कॉलेज की प्रिंसिपल की है।

फेल होने से तनाव में थे छात्रा

मृतक छात्र हर्ष राघव के परिजन सुनील कुमार ने बताया, “कॉलेज प्रबंधन प्रति प्रेक्टिकल 10 हजार रुपए वसूलता है। मेरे बेटे ने कॉलेज प्रबंधन को पैसे देने से इनकार कर दिया था। इस पर कॉलेज प्रबंधन ने प्रेक्टिकल में अनुपस्थित दिखाकर फेल कर दिया, जबकि बेटा अन्य में पास था। कॉलेज की मनमानी से तंग आकर बेटे ने शुक्रवार को जहर खा लिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। ”

छात्र बोला- खुलेआम होता है वसूली

कॉलेज के एक छात्र ने बताया, “कॉलेज प्रबंधन प्रेक्टिकल में पास करने के नाम पर 10-10 हजार रुपये की वसूली एक प्रेक्टिकल पर करता है। यह मनमानी खुलेआम की जाती है। विरोध करने पर छात्रों से अनुपस्थित दिखाकर फेल कर दिया जाता है। इस तरफ न जिला प्रशासन का ध्यान है और न ही शिक्षा विभाग का।"

प्रिंसिपल ने आरोप काे बताया निराधार

कॉलेज की प्रिंसिपल मंजू बंसल ने आरोप को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि छात्र प्रेक्टिकल में अनुपस्थित थे। इस कारण से फेल हो गए। प्रेक्टिकल के नाम वसूली का आरोप गलत है।

जांच कर होगी कार्रवाई : डीएम

जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत पर जांच शुरू करा दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला गंभीर है, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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