चंदौली में जमा हुए मात्र 20 फीसदी शस्त्र:कुल 7638 लाइसेंसी असलहों के सापेक्ष अभी तक मात्र 1578 ही कराए जा सके हैं जमा

चंदौली6 महीने पहले
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चंदौली जिले में सातवें चरण में सात मार्च को मतदान होगा। इसके लिए अधिसूचना 10 फरवरी को जारी होगा। इसके साथ ही प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में समय काफी कम बचा है, लेकिन लाइसेंसी असलहों को जमा कराने की प्रक्रिया धीमी है। कुल 7638 लाइसेंसी असलहों के सापेक्ष अभी तक मात्र 1578 ही जमा कराए जा सके हैं।

सुस्त है शस्त्र जमा करने की प्रक्रिया

विधानसभा चुनाव में अवांछनीय तत्व व उपद्रवी अशांति फैला सकते हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने लाइसेंसी असलहों को जमा कराने का आदेश दिया है। हालांकि, जिले में लाइसेंसी असलहों को जमा कराने की प्रक्रिया काफी सुस्त है। स्थिति यह है कि लक्ष्य के सापेक्ष अभी 25 फीसद असलहे भी नहीं जमा कराए गए हैं। समय अब बहुत कम शेष बचा है। इससे चुनौती बढ़ती जा रही है।

जिले के 15 थानों में कुल 7638 लाइसेंसी असलहे हैं। इसमें मात्र 1578 असलहे जमा कराए गए हैं। असलहों को जमा कराने की प्रगति रिपोर्ट आयोग को भी भेजी जाती है। ऐसे में पुलिस विभाग पर दबाव बढ़ता जा रहा है। पुलिस लाइन में स्थापित चुनाव सेल कार्यालय की ओर से थानाध्यक्षों को लगातार निर्देशित किया जा रहा है। ताकि समय रहते शत-प्रतिशत लाइसेंसी असलहों को जमा कराया जा सके।

शस्त की दुकानों पर भी होगा जमा

लाइसेंस धारक इन्हें शस्त्र की दुकानों में भी जमा करा सकते हैं। लेकिन इसके बाबत साक्ष्य पुलिस के सामने प्रस्तुत करने होंगे। चुनाव सेल प्रभारी हंसराज यादव ने बताया कि जिले में कुल 7638 लाइसेंसी असलहे हैं। इसमें अभी तक 1578 जमा कराए गए हैं। थानाध्यक्षों को जल्द लाइसेंसी असलहों को जमा कराने के लिए कहा गया है।

बीट कांस्टेबल को सौंपी जिम्मेदारी

असलहों को जमा कराने व लाइसेंस धारकों के सत्यापन की जिम्मेदारी बीट कांस्टेबल व हल्का इंचार्ज को सौंपी गई है। असलहों को जमा कराने के साथ ही ऐसे लोगों को भी चिह्नित कर रहे हैं, जो जिला छोड़कर वाराणसी अथवा अन्य स्थानों पर रह रहे हैं। उनकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से ऐसे लोगों का ब्योरा आयोग को भेजा जाएगा।

सिक्योरिटी गार्ड को मिलेगी रियायत

सिक्योरिटी गार्ड को चुनाव के दौरान असलहा रखने की छूट दी जाएगी। दरअसल, असलहे की बदौलत ही उनकी रोजी-रोटी चलती है। इसलिए उन्हें असलहा अपने पास रखने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, उन्हें इसके लिए जिला उप निर्वाचन अधिकारी को प्रार्थना पत्र देना होगा। उनकी संस्तुति के बाद असलहा अपने पास रख सकते हैं।